कार्टून में एक दाढ़ी वाला आदमी है. जो दो औरतों के साथ बिस्तर में लेटा है. शराब, फल कई चीजें उसके पास रखी हैं. और वो आदमी अल्लाह से जन्नत में बातचीत कर रहा है. अल्लाह: तुम्हारी शाम खुशनुमा हो अबू सालेह! क्या तुम्हें कुछ और कोई चीज चाहिए? जेहादी: हां अल्लाह! मुझे वहां से वाइन का ग्लास दे दीजिए. और हां, जिब्रील (अल्लाह का खास फ़रिश्ता) को मेरे लिए काजू लेकर भेजिए. नौकर भेजकर सफाई करवा दीजिए और साथ में ये खाली प्लेट लेते जाइए. जेहादी फिर कहता है, 'और हां, टेंट में एक दरवाजा लगवा दीजिए. ताकि अगली बार आप आने पर दरवाजा खटखटाकर आएं.'जब उन पर अटैक हुआ, तब जॉर्डन के राइटर नाहिद हट्टार अम्मान में सुप्रीम कोर्ट के सामने खड़े थे. नाहिद पर आरोप था कि उन्होंने फेसबुक पेज पर कार्टून पोस्ट करके इस्लाम का मजाक उड़ाया है. इस पोस्ट के बाद ISIS और कट्टरपंथी उनसे बेहद खफा थे. नाहिद के खिलाफ सड़कों पर हंगामा भी किया था. हंगामा बढ़ता देख जॉर्डन के पीएम हानी मुल्की ने नाहिद के खिलाफ जांच का फरमान जारी कर दिया था. केस की सुनवाई करने वाले जांच आयोग के सामने पेशी के लिए नाहिद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. जब नाहिद कोर्ट के लिए घर से निकले, वहीं से हमलावर ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. वो जैसे ही सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और कार से उतरे. हमलावर ने बेहद करीब आकर उनको तीन गोलियां मारीं. नाहिद वहीं गिर गए, उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. गोली मारने वाले को वहां मौजूद सिक्योरिटी वालों ने धर लिया. गोली मारने वाले के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है. उसकी उम्र 50 साल के करीब बताई गई है. वो अरबी कॉस्टयूम पहने था. नाहिद मजहबी तौर पर क्रिश्चियन और जॉर्डन के मशहूर राइटर थे. उन्होंने सीरिया के प्रेसिडेंट बशर अल असद का सपोर्ट किया था. जबकि असद पर अपने ही देश के लोगों के खिलाफ हवाई हमले करवाने का आरोप है. कार्टून पोस्ट करने के बाद नाहिद को पिछले महीने गिरफ्तार भी किया गया था. नाहिद ने पोस्ट पर माफी मांगते हुए कहा था कि उनका इरादा धार्मिक भावनाएं भड़काने का नहीं था.
क्या था उस कार्टून में, जिसे इस्लाम-विरोधी कहकर नाहिद को मार डाला गया
राइटर ने माफ़ी भी मांग ली थी. लेकिन कट्टरपंथ ने पीछा नहीं छोड़ा.
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सुप्रीम कोर्ट के बाहर ही नाहिद को तीन गोलियां मार दी गईं.
एक कार्टून बनाया. और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जॉर्डन के एक राइटर ने, लेकिन कमबख्त भावनाएं भड़क गईं. और राइटर पर हो गया केस, फिर वो हुआ जो नहीं होना चाहिए था. कार्टून शेयर करने वाला राइटर कोर्ट के बाहर खड़ा केस की सुनवाई के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा था. तभी उन्हें तीन गोली मारी गईं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जबकि वो कार्टून पोस्ट करने के लिए पहले ही माफ़ी मांग चुके थे. कार्टून अरबी में था, जिसे 'द क्लेरियन प्रोजेक्ट' वेबसाइट ने अंग्रेजी में ट्रांसलेट किया है. क्या था उस कार्टून में पहले ये जान लो.
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