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कश्मीर की आज़ादी मांगने चले थे, दिल के दौरे से चले गए

जब फारुख अब्दुल्ला के सामने गिरफ्तार किए गए अलगाववादी नेता अमानुल्लाह खान. जानिए अमानुल्लाह खान के बारे में:

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फोटो - thelallantop
JNU में 9 फरवरी को 'अफजल हम शर्मिंदा हैं' वाले नारों के साथ मकबूल भट के भी नारे लगाए गए थे. मकबूल भट, जिसे आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के चलते 1984 में फांसी पर लटका दिया गया था. मकबूल भट का दोस्त और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का को-फाउंडर अमानुल्लाह खां की मंगलवार को पाकिस्तान के रावलपिंडी में मौत हो गई. कश्मीर में अलगाववादियों के मसीहा अमानुल्लाह खान 82 साल के थे. बहुत दिन से बीमार थे. अमानुल्लाह खान ने कश्मीर की आजादी के लिए खूब खून-खराबा किया था. मकबूल भट्ट और अमानुल्लाह ने ही 1977 में ब्रिटेन में इंडियन एंबेसडर रविंद्र म्हात्रे की हत्या करवाई थी. 1971 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान को भी हाइजैक करवाया था. ट्विटर देखोगे तो पता चलेगा, इनके मरने पर किस तरह लोग सुकून मना रहे हैं. लेकिन कश्मीर के अलगाववादी ग्रुप के लोग काफी दुखी हैं. इस मौत को अपने लिए बड़ा नुकसान समझते हैं. अमानुल्लाह की एक बेटी हैं, आज़मा. आजमा के पति सजाद लोन कश्मीर सरकार में मंत्री हैं. सजाद बीजेपी के नेताओं से मिलने दिल्ली आए हुए थे. इसलिए वो पाकिस्तान नहीं गए. जबकि, आज़मा कुछ दिन पहले ही अपने बीमार पिता को देखने पाकिस्तान चली गईं थीं.
  जानिए अमानुल्लाह खान के बारे में कुछ बातें.... 1. 1940-50 में अमानुल्लाह श्रीनगर में रहते थे. 1952 में वो पाकिस्तान चले गए. वहां लॉ की पढ़ाई की. 2. पाकिस्तान से ही जम्मू-कश्मीर की भारत से आज़ादी के लिए मूवमेंट शुरू कर दिया. 3. 1963 में कश्मीर इंडिपेंडेंट कमेटी बनाई. 1965 में J&K Peblicite Front के जनरल सेक्रेटरी बन गए. 4. इसके बाद मकबूल भट्ट के साथ मिलकर JK National Liberation Front बनाया. ये ग्रुप पहली बार जब लाइमलाइट में आया, तब 1971 में इंडियन एयरलाइंस का एक प्लेन हाइजैक हुआ औऱ उसके बाद ही पाकिस्तान में अमानुल्लाह गायब हो गए. 5. 1976 में अमानुल्लाह UK चले गए और 1977 में  JKNLF का नाम JKLF हो गया. 6. 1984 में UK में इंडियन डिप्लोमेट रविंद्र म्हात्रे की हत्या करवा दी.

'मकबूल, अफजल के दीवानों, तुम कितने रविंद्र म्हात्रे मारोगे'

7. सितम्बर 1985 में अमानुल्लाह को इंग्लैंड में गिरफ्तार कर लिया गया. 1986 के दिसम्बर में उन्हें इंग्लैंड से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया. वापस आकर अमानुल्लाह ने कश्मीर में मिलिटेंट मूवमेंट शुरू कर दिया. 8. 1993 में यूरोपियन पार्लियामेंट ने उनको कश्मीर पर एक सेमिनार में इन्वाइट किया. वहां अमानुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया गया. कश्मीर के मुख्यमंत्री फारुख़ अब्दुल्ला और यूनियन मिनिस्टर जॉर्ज फर्नाडीज भी उस सेमिनार में थे. दोनों ने इस गिरफ्तारी को गलत बता दिया. बेल्जियम के कोर्ट ने भी उन्हें भारत को सौंपने से मना कर दिया और तीन महीने बाद रिहा कर दिया.

अफजल से पहले मांगी आजादी, अफजल से पहले पाई फांसी


  (ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने लिखी है.)

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