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दिल्ली चुनाव में BJP से गठबंधन पर JDU प्रवक्ता ने CM नीतीश को पुरानी बातें याद दिला दीं

चिट्ठी लिखी, जो अब वायरल हो रही है.

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में नितीश कुमार की पार्टी ने भाजपा से गठबंधन किया, तो पवन कुमार ने पोल पट्टी खोल दी.

दिल्ली चुनाव 2020. इस चुनाव में BJP ने 70 में से 67 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. उसने तीन सीटें अपने गठबंधन के सहयोगियों के लिए छोड़ दी हैं. बुराड़ी और संगम विहार सीट JDU को दी गई है, जबकि सीमापुरी सीट LJP के लिए छोड़ी गई है. खास खबर ये है कि दिल्ली में BJP से गठबंधन की बात से JDU प्रवक्ता पवन कुमार वर्मा नाराज़ दिख रहे हैं.

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पवन कुमार वर्मा ने बिहार के CM और JDU के मुखिया नीतीश कुमार को एक लेटर लिख दिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. इस लेटर से पवन कुमार नीतीश के गठबंधन वाले फैसले का विराध करते दिखाई दे रहे हैं. पवन कुमार ने ट्वीट कर लिखा-

मैंने आज नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उनसे दिल्ली चुनाव में BJP के साथ किए गए गठबंधन के बारे में पूछा है. BJP पर अपने विचार दिए हैं. CAA- NRC-NPR के मुद्दे पर देश में लगातार विरोध हो रहा है.

आदरणीय श्री नीतीश जी,

मैं समझता हूं कि JDU और BJP गठबंधन में दिल्ली चुनाव लड़ रही हैं. ऐसा पहली बार हुआ है, जब बिहार से बाहर पार्टी ने BJP के साथ इस तरह का गठबंधन किया है. मैं इस फैसले से काफी आहत हुआ हूं और आपसे विचारधारा को लेकर सफाई मांगना चाहता हूं. कई मौकों पर आपने खुद BJP, RSS का विरोध किया है. 2012 में जब पटना में मेरी आपसे मुलाकात हुई थी, उस वक्त आपने मुझसे नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों के बारे में लंबी चर्चा की थी. जब आप 'महागठबंधन' का नेतृत्व कर रहे थे, तो भी आपने खुलकर 'RSS मुक्त भारत' का नारा दिया था.

2017 में फिर से BJP के साथ गठबंधन करने के बाद भी BJP के लिए आपके विचार नहीं बदले. मुझे याद है कि आपने कहा था कि किस तरह से BJP के वर्तमान नेतृत्व ने आपको अपमानित किया है. आपने कहा कि BJP भारत को एक 'खतरनाक' जगह लेकर जा रही है, संस्थानों को खत्म कर रही है. अब जरूरत है कि एक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष ताकत का गठन किया जाए. यहां तक कि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. अगर आपके ये विचार सच थे, तो मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि पार्टी BJP के साथ बिहार के बाहर अपना गठबंधन कैसे कर रही है. जबकि लंबे समय से BJP का साथ देने वाले अकाली दल ने भी गठबंधन से मना कर दिया. खासकर ऐसे समय पर, जब BJP ने NPR-CAA-NRC के जरिए देश के शांति, सद्भाव और स्थिरता को खत्म करने के उद्देश्य से बांटने वाले एजेंडे को अपनाया है.

इन सबको देखते हुए मुझे लगता है कि JDU को ये बताना चाहिए कि पार्टी का संविधान क्या कहता है? पार्टी के नेता की निजी सोच क्या है और वो पब्लिक में क्या सोच रखते हैं?

उम्मीद करता हूं कि आप अपनी विचारधारा या तो जेडीयू मीटिंग में स्पष्ट करेंगे या फिर किसी और माध्यम से, जो भी आपको उचित लगता हो.

आभारी पवन कुमार वर्मा

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खैर, चिट्ठी में क्या लिखते हैं, वो जानिए

स्टार प्रचारकों की लिस्ट से नाम हटा

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए JDU ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट से पवन कुमार वर्मा के साथ-साथ प्रशांत किशोर का नाम हटा दिया था. इसके पहले दोनों ने ही CAA का विरोध किया था, पर पार्टी ने राज्यसभा और लोकसभा दोनों में ही सपोर्ट करती दिखाई दी थी. इस पर पवन कुमार ने लेटर लिखकर आपत्ति भी जताई थी.

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 उन्होंने कहा था- 

CAA-NRC हिंदुओं और मुसलमानों को बांटने और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने का एक सीधा प्रयास है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि CAA-NPR-NRC योजना के खिलाफ एक स्टैंड लें और भारत को विभाजित करने के नापाक एजेंडे को खारिज करें.

खैर, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 21 जनवरी तक नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. आठ फरवरी को चुनाव है और उसके नतीजे 11 फरवरी को आ जाएंगे.   

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