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पुंछ हमला: पहाड़ी पर घात लगाकर बैठे थे आतंकी, हमले की और क्या डिटेल सामने आई?

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एयर फोर्स के काफिले पर जो हमला हुआ था, इसमें पांच जवान घायल हुए थे. एक जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई.

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एयर फोर्स के काफिले में शामिल ट्रक को आतंकियो ने निशाना बनाया. (इमेज क्रेडिट - इंडिया टुडे)

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एयर-फोर्स के काफिले पर हमले (Poonch Attack) के बाद से सुरक्षा बलों और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है. हमलावरों को पकड़ने के लिए रविवार, 5 मई को हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से आसपास के जंगलों में संयुक्त अभियान चलाया गया. बताया जा रहा है कि अब तक आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

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इस हमले में एयर फोर्स के पांच जवान घायल हुए थे. उन्हें उधमपुर के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कॉर्पोरल विक्की पहाड़े की मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के सूत्रों ने बताया कि जारनवल्ली गली और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी रहेगा. आतंकियों को पकड़ने की जुगत में पुलिस ने सनई क्षेत्र से करीब आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है. इससे पहले, जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने इस इलाके का दौरा किया था.

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कैसे किया था हमला?

सूत्रों ने हमले की कुछ जानकारी दी है. बताया कि कैसे आतंकियों ने जारनवल्ली से शाहिस्टार टॉप की ओर एयर-फोर्स बेस में जा रहे तीन ट्रकों में से आखिरी ट्रक को निशाना बनाया. पहले दो ट्रकों के गुजरने के बाद, सड़क के किनारे पहाड़ियों के ऊपर घात लगाए आतंकियों ने गोलीबारी शुरु कर दी. गोलियां गाड़ी की सामने की विंडस्क्रीन पर लगी. जैसे ही गाड़ी रुकी, आतंकियों ने और गोलियां बरसाईं. इस हमले में एक भारतीय जवान घायल हो गए. हमले के तुरंत बाद एयर फोर्स के जवानों ने जवाबी कारवाई शुरु की. फिर आतंकी पास के जंगलों में भाग गए.

अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. संदेह जताया जा रहा है कि इस हमले में शामिल लोग इस इलाके से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और सुरक्षा बलों पर हुए पिछले हमलों में भी उनकी भागीदारी हो सकती है.

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पंद्रह दिनों के भीतर राजौरी और पुंछ जिले में फैले पीर पंजाल क्षेत्र में यह दूसरा आतंकी हमला था. 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने मोहम्मद रज़ीक नाम के एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी. रज़ीक का भाई टेरिटोरियल आर्मी में सिपाही है. 

पिछले साल राजौरी और पुंछ जिले में चार आतंकवादी हमलों में कुल 19 सैनिक मारे गए थे. दोनों जिलों में सुरक्षा बलों और पुलिस के ऑपरेशन में लगभग 30 आतंकी भी मारे गए.

राजौरी और पुंछ अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं. यहां 25 मई को वोटिंग होनी है.

वीडियो: राजौरी और पुंछ में हुए दो बड़े आतंकी हमलों के पीछे कौन था, NIA ने पता लगा लिया है

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