ईरान पर इजरायल के हमले (Israel Iran Conflict) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें क्षेत्रीय युद्ध की चिंता नहीं है. क्योंकि इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है, साथ ही उनके शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों और कमांडरों को भी मार डाला है.
'ईरान को मैंने 60 दिन दिए थे, नहीं माना तो 61वें दिन... ' इजरायल के अटैक पर ट्रंप अंदर की बात बता गए
Donald Trump ने Iran को चेतावनी देते हुए कहा था, ‘इससे पहले की बहुत देर हो जाए, समझौता करो.’ अब उन्होंने कहा है, 'ईरान के लिए अभी भी बहुत देरी नहीं हुई है.' क्या-क्या बोले डॉनल्ड ट्रंप?
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डॉनल्ड ट्रंप ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने शुरू में इजरायली हमले को टालने की कोशिश की थी. जिससे ईरान को कूटनीति और बातचीत के लिए पर्याप्त समय मिल सके. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. और हमले वाला दिन (13 जून), इस अल्टीमेटम का 61वां दिन था.
यही बातें उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखी हैं. इसमें उन्होंने कहा है, ‘शायद, ईरान के पास अब दूसरा मौका है.’
डॉनल्ड ट्रंप ने रॉयटर्स से ये भी कहा है कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील को आगे बढ़ाने को लेकर अब भी उम्मीदें बची हैं. उन्होंने कहा कि 15 जून को ओमान में होने वाली बातचीत में अमेरिका भाग लेगा. लेकिन उन्होंने ये भी अंदेशा जताया कि इजरायल के हमलों के बाद शायद ही ईरान इसमें भाग ले. अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ 15 जून को ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मिलने वाले हैं.
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था, ‘इससे पहले की बहुत देर हो जाए, समझौता करो.’ रॉयटर्स के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा,
हम सब कुछ जानते थे. मैंने ईरान को अपमान और मौत से बचाने की कोशिश की. मैंने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की क्योंकि मैं चाहता था कि कोई समझौता हो जाए. हालांकि, ईरान के लिए अब भी बहुत देर नहीं हुई है, वो अभी भी समझौता कर सकते हैं.’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 13 जून को ट्रूथ पर लिखा था,
ईरानी कट्टरपंथियों ने बहादुरी से बात की, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि क्या होने वाला है. वे सभी अब मर चुके हैं, स्थिति अभी और भी खराब होगी!
ट्रंप ने इजरायल को पूरा समर्थन दिया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका और इजरायल बहुत करीब रहे हैं और एक-दूसरे के सहयोगी हैं. उनसे ईरान के जवाबी हमले के बारे में भी पूछा गया. जवाब में उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कि क्या होता है.’
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ईरान ने जवाबी हमला किया13 जून को इजरायल ने ईरान पर हमला किया. दूसरे दिन भी ये हमला जारी रहा. 14 जून को ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और 150 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान ने इसे ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया. इजरायल ने बताया कि तेल अवीव पर हुए ईरानी हमले में 34 लोग घायल हुए हैं. जबकि दो की मौत हो गई है.
वीडियो: दुनियादारी: इजरायल ने ईरान की न्यूक्लियर साइट पर किया हमला













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