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ईरान ने 'मध्यस्थ' बनने चले पाकिस्तान का जहाज होर्मुज में रोक दिया, क्या वजह बताई?

IRGCN के ऑफिसर्स ने भी पाकिस्तानी कार्गो जहाज के रोकने की पुष्टि की. और चेतावनी देते हुए कहा कि सभी जहाजों को होर्मुज पार करने से पहले परमिशन लेना ही पड़ेगा. वहीं, इस मामले पर IRGCN के रियर एडमिरल अलिरेजा तंगसिरी का भी बयान सामने आया है.

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ईरानी ने पाकिस्तानी कार्गो जहाज को होर्मुज पार करने से रोका. (फोटो- इंडिया टुडे/ सोशल मीडिया)

ईरान और अमेरिका के बीच ‘मध्यस्थ’ बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के कार्गो जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरान ने रोक दिया. जिस पाकिस्तानी कार्गो जहाज को रोका गया, उसका नाम SELEN है. Islamic Revolutionary Guard Corps Navy (IRGCN) ने बताया कि जहाज ने होर्मुज पार करने के लिए प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया था. इसलिए ये एक्शन लिया गया. इसके बाद जहाज को अपना रास्ता बदलना पड़ा.

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IRGCN ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब पाकिस्तान वेस्ट एशिया में चल रही जंग में सीजफायर कराने के लिए मध्यस्थता की तैयारी कर रहा है. होर्मुज जलमार्ग बंद होने की वजह से भारत और पाकिस्तान समेत दुनियाभर के कई देश तेल और गैस संकट का सामना कर रहे हैं. ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज को रोकने के बाद काबुल (अफगानिस्तान) में ईरान के एंबेसी ने एक बयान जारी किया. एंबेसी ने अपने बयान में कहा,

‘SELEN’ कंटेनर जहाज को IRGC नौसेना ने वापस लौटा दिया क्योंकि, उसने कानूनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था और उसके पास Strait Of Hormuz से गुजरने की परमिशन नहीं थी. होर्मुज से गुजरने के लिए सभी जहाजों के लिए IRGC के समुद्री प्राधिकरण (Maritime Authority) के प्रोटोकॉल को मानना जरूरी है.

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बाद में IRGCN के ऑफिसर्स ने भी पाकिस्तानी कार्गो जहाज के रोकने की पुष्टि की और चेतावनी देते हुए कहा कि सभी जहाजों को होर्मुज पार करने से पहले परमिशन लेना ही पड़ेगा. मामले में IRGCN के रियर एडमिरल अलिरेजा तंगसिरी का भी बयान सामने आया है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने होर्मुज से गुजरने की परमिशन नहीं ली थी. इसकी वजह से उसे वापस लौटना पड़ा. तंगसिरी ने आगे कहा कि अब से किसी भी जहाज को यहां से गुजरने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे जंग में “मध्यस्थता” करने की बात रखी है. शरीफ ने अपने एक बयान में कहा कि अगर सभी पक्ष तैयार हों तो इस्लामाबाद ‘शांतिवार्ता’ की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, शरीफ के इस बयान के बाद ट्रंप ने थोड़ी दिलचस्पी दिखाई, लेकिन ईरान की ओर से कोई खास झुकाव नजर नहीं आया.

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