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लुटियंस वाला दफ्तर खाली करने का नोटिस, कांग्रेस का पलटवार, 'BJP से भी खाली कराओ'

कांग्रेस को ‘24 अकबर रोड’ स्थित अपना पुराना कार्यालय खाली करना होगा. एस्टेट डिपार्टमेंट की ओर पार्टी को नोटिस थमा दिया गया है. पार्टी को बंगला खाली करने के लिए 3 दिनों का वक्त दिया गया है. इसके अलावा यूथ कांग्रेस को भी उनका रायसीना रोड वाला दफ्तर खाली करने का आदेश मिला है.

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कांग्रेस को 24 अकबर रोड स्थित कार्यालय खाली करना होगा. (एक्स)

कांग्रेस को ‘24 अकबर रोड’ वाला अपना पुराना दफ्तर खाली करने को कहा गया है. पार्टी को इसके लिए 28 मार्च तक का वक्त मिला है. एस्टेट डिपार्टमेंट ने उसे ये नोटिस भेजा है. इसके अलावा 5 रायसीना हिल्स रोड पर स्थित यूथ कांग्रेस के कार्यालय को भी खाली करने का नोटिस दिया गया है. बता दें कि कांग्रेस का पार्टी मुख्यालय 24, अकबर रोड से इंदिरा भवन शिफ्ट हो गया है लेकिन वो इस बंगले को खाली नहीं करना चाहती. यहां से भी पार्टी की गतिविधियां चल रही हैं. 

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नोटिस आने के बाद कांग्रेस इस मामले में कानूनी राहत पाने के लिए अदालत जाने की तैयारी में है. पार्टी नेताओं ने इस नोटिस को अवैध बताया है. कांग्रेस सांसद और सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ और ‘अवैध’ बताया है. उन्होंने कहा कि पार्टी इसे चुनौती देने के लिए हर मौजूद कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करेगी. पार्टी नेता प्रमोद तिवारी ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अलोकतांत्रिक’ बताया. उन्होंने कहा, 

बीजेपी सरकार लोकतांत्रिक नहीं है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. हमें नोटिस मिलने दीजिए. हम चर्चा के बाद इस पर आगे कदम उठाएंगे.

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नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा,

 अगर कांग्रेस का पुराना कार्यालय खाली कराया जा रहा है तो ये सिद्धांत दूसरे दलों पर भी लागू किया जाना चाहिए. एकतरफा कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.

नियमों के मुताबिक, किसी भी पार्टी को नए मुख्यालय के लिए जमीन मिलने के बाद पुराना आवंटन (Alottment) रद्द कर दिया जाता है. कांग्रेस को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर नया मुख्यालय बनाने के लिए जमीन दी गई थी. इसके बाद एस्टेट डिपार्टमेंट ने 24 अकबर रोड का आवंटन रद्द कर दिया. अब कांग्रेस इस मामले में कोर्ट जाने की तैयारी में है. पार्टी का आरोप है कि दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर बीजेपी का नया दफ्तर बनने के बाद भी पार्टी का 1, अशोक रोड या पंत मार्ग वाला दफ्तर अभी भी खाली नहीं करवाया गया है. 

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'24 अकबर रोड' का ऐतिहासिक सफर

'24 अकबर रोड' पर स्थित कांग्रेस के पुराने कार्यालय को '24 अकबर रोड' बंगला के नाम से जाना जाता है. यह सिर्फ एक बंगला नहीं है. इतिहास का जीवंत दस्तावेज है. आजादी से पहले ये वायसराय की काउंसिल के मेंबर सर रेजिनाल्ड मैक्सवेल का ठिकाना था. 1960 के दशक में इस बंगले में भारत में म्यांमार की राजदूत डॉ. खिन क्यी रहती थीं. उनकी बेटी और नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की ने भी अपने जीवन के कई साल इसी घर में बिताए हैं. उस दौरान इस बंगले को बर्मा हाउस कहा जाता था. पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ये नाम दिया था.

कांग्रेस का दफ्तर कब बना?

1970 के दशक में कांग्रेस का कार्यालय डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर था. साल 1977 के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई. हार के बाद साल 1978 में पार्टी दो हिस्सों में टूट गई. तब यह बंगला कांग्रेस सांसद जी. वेंकटस्वामी को अलॉट था. वेंकटस्वामी इंदिरा गांधी के वफादार थे. उन्होंने इंदिरा गांधी को ये बंगला पार्टी के काम के लिए दे दिया. तब से साल 2025 तक यह कांग्रेस पार्टी का मुख्यालय रहा. इस बंगले ने साल 1980 में कांग्रेस की शानदार वापसी देखी. राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते यह बंगला देश की राजनीति का सबसे बड़े केंद्र में से एक रहा.

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