पश्चिम एशिया में युद्ध का चौथा हफ्ता चल रहा है. शांति समझौते की बात शुरू हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 15 पॉइंट का पीस प्लान पेश किया है. इसके जवाब में ईरान ने भी कुछ सख्त शर्तें रखी हैं. इन शर्तों में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुज़रने वाले जहाज़ों से फीस लेने की बात भी की है. किसने क्या शर्त रखी है? आइए जानते हैं.
होर्मुज पर टोल, हिजबुल्लाह की सिक्योरिटी, अमेरिकी बेस बंद... अब ईरान ने भेजीं अपनी 7 शर्तें
Iran Ceasefire Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 15 पॉइंट का पीस प्लान पेश किया है. दूसरी तरफ ईरान ने इस प्लान के जवाब में अपनी कुछ सख्त शर्तें रखी हैं.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, तेहरान ने सीज़फायर पर वापस लौटने के लिए ये सात मांगे रखी हैं-
#सीजफायर के लिए ईरान की तरफ से जंग में हुए नुकसान के लिए वित्तीय मुआवजा मांगा गया है.
#ईरान ने अमेरिका से मांग की है कि खाड़ी देशों में उनके सैन्य अड्ढे नहीं होंगे.
#हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल के हमले रोके जाएं.
#एक ऐसा प्लान तैयार किया जाए जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल किया जा सके.
#ईरान चाहता है कि इस समुद्री मार्ग का नियंत्रण प्रभावी रूप से उसके पास रहे.
#अमेरिका से ईरान ने इस बात की भी गारंटी मांगी है कि भविष्य में हमले दोबारा शुरू नहीं होंगे.
#ईरान ने किसी भी समझौते के लिए सभी प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग की है.
इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से रखी गई इन शर्तों को लेकर जानकारों का ये भी मानना है कि अगर बातचीत ठीक से हुई तो थोड़ी नरमी बरती जा सकती है.
इसके साथ ही ईरान ने ये भी कहा है कि अगर उसकी शर्तें मान ली गईं तो वो हिज़्बुल्लाह, हमास और इराक़ी लड़ाकों को फंड करना बंद कर देगा. इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल पर 5 साल का प्रतिबंध लगा देगा. रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान यूरेनियम एनरिच्मेंट को रोकने के बारे में भी सोच सकता है. साथ ही इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की जांच के लिए भी मंजूरी दे सकता है.
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डॉनल्ड ट्रंप का 15 पॉइंट वाला प्लानजंग को रोकने के लिए अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने भी एक प्लान पेश किया है. 15 पॉइंट के इस प्लान में न्यूक्लियर हथियारों पर रोक और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की बातें कही गई हैं. इस मामले पर जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ने ईरान के साथ ये पीस प्लान शेयर किया है. हालांकि उसने इस मामले पर कोई ज्यादा जानकारी नहीं दी है.
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है. पाकिस्तान ने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने की पेशकश की है. अभी ये भी साफ नहीं है कि पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस 15 पॉइंट वाले प्लान को ईरानी अधिकारियों के बीच शेयर किया गया है या नहीं? सवाल ये भी है कि क्या ईरान इसे बातचीत के आधार के तौर पर स्वीकार करेगा. क्योंकि इस 15 पॉइंट वाले प्लान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.
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