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US सैनिक ठिकाने छोड़ भागे, पब्लिक के बीच रहने को मजबूर, ईरानी मिसाइलों ने मचाई ऐसी तबाही

ईरान के हमलों की वजह से अमेरिकी सेना को अपने ठिकाने छोड़ने पड़े हैं. अब तक कम से कम 13 ऐसे ठिकाने हैं, जिन पर ईरान के हमले की वजह से भारी तबाही हुई है. इसके चलते अमेरिकी सैनिकों को अपनी सुरक्षित चौकियों को छोड़कर होटलों और ऑफिसों में शरण लेनी पड़ी है.

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अमेरिकी सैनिक अपना बेस छोड़ कर दूसरी जगह से काम करने को मजबूर हैं (PHOTO- US Army)

मिडिल ईस्ट की जंग में ईरान ने अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचाया है. ईरान ने पूरे इलाके में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए हैं. इन हमलों की वजह से अमेरिकी सेना को अपने ठिकाने छोड़ने पड़े हैं. अब तक कम से कम 13 ऐसे ठिकाने हैं, जिन पर ईरान के हमले की वजह से भारी तबाही हुई है. इसके चलते अमेरिकी सैनिकों को अपनी सुरक्षित चौकियों को छोड़कर होटलों और ऑफिसों में शरण लेनी पड़ी है. इसका नतीजा यह हुआ है कि जंग का मैदान अब कई हिस्सों में बंट गया है. इस लड़ाई को अब ‘रिमोट वॉर’ (दूर से लड़ा जाने वाला युद्ध) बताया जा रहा है.

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कई अहम ठिकानों के तबाह या असुरक्षित होने के कारण, हजारों अमेरिकी सैनिक पूरे एरिया में बिखरे हुए हैं. कुछ सैनिकों को तो यूरोप तक भेज दिया गया है. जबकि बाकी सैनिक वेस्ट एशिया में ही हैं. लेकिन अब वे अपने असली ठिकानों से नहीं, बल्कि दूसरी जगहों से ऑपरेट कर रहे हैं. इस मामले पर न्यू यॉर्क टाइम्स से बात करते हुए अमेरिकी सैनिकों और अधिकारियों ने बताया,

‘ईरान ने पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर बमबारी की है, जिसके चलते कई अमेरिकी सैनिकों को इस पूरे क्षेत्र में होटलों और ऑफिस वाली जगहों पर जाना पड़ा है. तो अब जमीन पर मौजूद अधिकतर सेना, असल में दूर से ही जंग लड़ रही है.’

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सभी चुनौतियों के बावजूद, पेंटागन का कहना है कि ऑपरेशंस में तेजी आ रही है. अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर अब तक 7 हजार से ज्यादा हमले किए हैं. उन्होंने कहा,

‘अब तक, हमने (अमेरिका ने) ईरान और उसके मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर के 7 हजार से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं. आज का हमला अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा, ठीक वैसे ही जैसे कल का हमला था.’

File:US bases in the Middle East.svg - Wikipedia
क्षेत्र में मौजूद अमेरिकन मिलिट्री ठिकाने (PHOTO-Wikipedia)

ईरानी हमलों से पूरे इलाके में अमेरिका के कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचा है. कुवैत में, पोर्ट शुएबा, अली अल सलेम एयर बेस और कैंप ब्यूहरिंग जैसे ठिकानों पर जबरदस्त हमले हुए हैं. पोर्ट शुएबा पर हुए एक हमले में तो सेना का एक टैक्टिकल ऑपरेशंस सेंटर तबाह हो गया. साथ ही इसमें अमेरिका के छह सैनिक भी मारे गए हैं.

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ईरान की मिसाइलों और ड्रोन ने कतर में अल उदीद एयर बेस पर भी हमला किया है. इस हमले में वहां का एक जरूरी रडार सिस्टम खराब हो गया है. बहरीन, जहां अमेरिकी नौसेना का बड़ा अड्डा है, वहां ईरान के ड्रोन्स ने अमेरिका की 5th Fleet  हेडक्वार्टर में मौजूद कम्युनिकेशन के उपकरणों को निशाना बनाया है. इसके अलावा सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमलों से ईंधन भरने वाले टैंकरों और कम्युनिकेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचा है.

वीडियो: ईरान के खर्ग आईलैंड पर कब्जे के लिए ट्रंप का प्लान तैयार?

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