यहां जो हुआ है वो वो बेहद कम बार हुआ है. एक ही पारी में दो बल्लेबाजों ने शतक तान दिए. जॉनी बेयरस्टो और डेविड वॉर्नर दोनों ने हैदराबाद के लिए शतक बना दिए. आईपीएल के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है. पहले 2016 में विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ऐसा कर चुके हैं. गुजरात लायंस के खिलाफ. मगर बेयरस्टो और वॉर्नर ने जो किया वो अपने आप में अद्भुत था क्योंकि इसी के साथ आईपीएल के इतिहास में इस टीम ने अपना बेस्ट स्कोर बना लिया. 231 रनों का. तो नजर डाल लेते हैं इस मैच की पांच हाइलाइट्स पर-
पहली हाइलाइट है इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो रहे. पहली बार आईपीएल में खेलने आए हैं और तीसरे ही मैच में शतक मार दिया. वो भी तब जब साथ में डेविड वॉर्नर जैसे धांसू हिटर खेल रहा हो. वेयरस्टो ने अपनी जबरदस्त बैटिंग से लाइमलाइट बटोर ली. 56 गेंदों पर 114 रन बना दिए. 203.57 के स्ट्राइक रेट के साथ. 12 चौके और 7 छ्क्के मारे. किसी भी बॉलर को बख्शा नहीं. हैदराबाद की पहली विकेट जब बेयरस्टो के रूप में गिरी तो 16.2 ओवरों में स्कोर 185 हो चुका था. बेयरस्टो की ये सेंचुरी सीजन की दूसरी सेंचुरी है. पहली संजू सैमसन के बल्ले से निकली है.

दोनों ने धो डाला.
दूसरी हाइलाइट रहे पिंक कैप धारी डेविड वॉर्नर. बंदे ने एक साल के बैन की पूरी कसर इन तीन मैचों में ही निकाल दी है. वॉर्नर ने भी 55 गेंदों पर नाबाद 100 रन बना दिए. 5 चौके और 5 छक्के मारे. पहले मैच में 85, दूसरे में 69 और अब 100 रन मारकर वॉर्नर ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं कि वो बख्शने के मूड में नहीं है. बेयरस्टो के साथ वॉर्नर के शतक ने टीम के स्कोर को 231 तक पहुंचा दिया जो आगे चलकर बेंगलोर के लिए जानलेवा साबित हुआ.

राशिद खान से पहले मोहम्मद नबी ने ही निपटा दिया.
तीसरी हाइलाइट भी हैदराबाद की टीम की तरफ से है. नाम मोहम्मद नबी. अफगानिस्तान के इस ऑफ ब्रेकर ने क्या गजब जाल बिछाया अपनी बॉलिंग का. 231 रनों के पहाड़ सर पर था और ओपनर पार्थिव पटेल ने दूसरे ही ओवर में कैच थमा दिया. यानी पहला विकेट 13 के स्कोर पर गिरा. अगले ओवर की पहली ही गेंद पर शिमरॉन हेटमायर को क्रीज से बाहर निकलने पर मजबूर किया और पीछे बेयरस्टो ने स्टंप हिलाने में देरी नहीं की. यानी दूसरा विकेट गया 20-2. अब नबी हैट्रिक पर थे और सामने आगमन हुआ था डिविलियर्स का. हैटट्रिक तो नहीं हुई मगर दो गेंद बाद ही डिविलियर्स को नबी ने बोल्ड मार दिया. नबी के तीन विकेट हो गए. इसके बाद शिवम दुबे को भी नबी ने कॉट एंड बोल्ड किया. ये चौथा विकेट था. मगर यहां नबी पांचवां विकेट भी ले लेते अगर बेयरस्टो विकेट के पीछे गेंद को नहीं छोड़ते तो मोइन अली भी स्टंप आउट होते. खैर नबी ने चार ओवरों में 11 रन दिए और 4 विकेट ले लिए. बेंगलोर के 6 विकेट 35 के स्कोर पर गिर गए.

कोहली की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं.
चौथी हाइलाइट रही आरसीबी की नाकामी. पूरी टीम 113 रन बना सकी. पूरी टीम से ज्यादा तो अकेले बेयरस्टो ने बना दिए थे. यानी 114. विराट कोहली पिछले 6 साल से टीम की कप्तानी कर रहे हैं. मगर टीम का उद्धार नहीं कर पाए हैं. पहले मैच में 70 पर ऑल आउट हुए थे. दूसरा मैच भी हारे और अब तीसरे में भी फिसड्डी साबित हुए. कमेंट्री कर रहे गौतम गंभीर ने एक सीधी बात कही कि कोहली बहुत भाग्यशाली हैं कि वो पिछले 6 साल से टीम के खराब प्रदर्शन के बाद भी कप्तान बने हुए हैं. कुछ लोग जिम्मेदारी नहीं लेते और कप्तान बने रहते हैं और कुछ लोग खुद से कप्तानी छोड़ देते हैं. शायद गंभीर का इशारा खुद की ओर था क्योंकि उन्होंने दिल्ली की कप्तानी खुद छोड़ी थी और फीस भी नहीं ली थी. खैर, बीते तीन मैचों में बेगलोर के ओपनिंग पेयर बदले हैं. पहले में पार्थिव पटेल के साथ कोहली आए. दूसरे में पार्थिव के साथ मोइन अली आए. तीसरे में पार्थिव के साथ हेटमायर आए. टीम में भी अजीबोगरीब बदलाव कर दिए गए.
इस मैच में हार से साफ है कि बेंगलोर को कुछ खास करने की जरूरत है. कप्तान कोहली की अपनी फैन फॉलोइंग है मगर उन्हें अपनी टीम से अच्छे रिजल्ट्स लाने होंगे. हर साल एक ही राग नहीं अलापा जा सकता.
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