किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर ने कहा, '24 साल के इंतजार के बाद अब हमें मालूम चला कि उनकी मौत हो गई. हमें नहीं मालूम कि किरपाल सिंह की मौत कैसे हुई.' https://twitter.com/ANI_news/status/719720947662594053 सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा, 'किरपाल सिंह के साथ वही हुआ है, जो सरबजीत सिंह के साथ हुआ था. इसकी जांच होनी चाहिए. इंडिया से एक टीम वहां भेजी जानी चाहिए. किरपाल सिंह का मर्डर हुआ है, मौत नहीं.' गुरदासपुर के रहने वाले थे किरपाल
किरपाल सिंह गुरदासपुर के रहने वाले हैं. लाहौर हाईकोर्ट ने किरपाल को बम धमाकों के आरोप से रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद किरपाल सिंह को रिहा नहीं किया गया. किरपाल की फैमिली के मुताबिक, फाइनेंशियल कंडीशन बहुत अच्छी न होने की वजह से हम आवाज नहीं उठा सके. और किसी नेता ने भी हमारी आकर कोई मदद नहीं की.गुरदासपुर में किरपाल सिंह का हुआ अंतिम संस्कार
24 साल से पाकिस्तानी जेल में कैद थे किरपाल सिंह. लाहौर में हुई थी मौत. मंगलवार को इंडिया लाया गया था शव.
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फोटो - thelallantop
पाकिस्तानी जेल में सरबजीत सिंह को मार दिया गया था. साल था 2013. तीन साल बाद लाहौर की कोटलखपत जेल में कैद एक इंडियन कैदी किरपाल सिंह की मौत हुई. मौत के 7 दिन बाद किरपाल सिंह का शव मंगलवार को वाघा बार्डर के रास्ते इंडिया लाया गया. बुधवार को गुरदासपुर में किरपाल सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. किरपाल सिंह के परिजनों का आरोप है कि उनके शव पर चोट के निशान हैं. लेकिन अमृतसर में जब किरपाल सिंह का पोस्टमॉर्टम हुआ, तब डॉक्टरों ने कहा, उनके शव पर अंदरुनी या बाहरी चोट के निशान नहीं हैं. पाकिस्तान से पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ साफ कहा जा सकता है. https://twitter.com/ANI_news/status/722376834122432512 https://twitter.com/ANI_news/status/722377814369038338 https://twitter.com/ANI_news/status/722364730812276736 इससे पहले लाहौर में मंगलवार सुबह किरपाल सिंह का पोस्टमार्टम किया गया. जेल प्रशासन का कहना है कि किरपाल की मौत मौत हार्ट अटैक से हुई. लेकिन इंडिया में सरबजीत की बहन ने आरोप लगाया कि किरपाल सिंह को सरबजीत की तरह की मारा गया है. किरपाल सिंह 24 साल से पाकिस्तानी जेल में बंद थे. इंडिया ने पाकिस्तानी हाई कमीशन से मामले में जानकारी मांगी. किरपाल की मौत पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में इंडियन अंबेसडर ने डीजी साउथ एशिया से भी मुलाकात की थी. इंडियन अंबेसडर को बताया गया कि किरपाल सिंह की मौत हार्टअटैक की वजह से हुई. इससे पहले मंगलवार को किरपाल सिंह की बहन ने अटारी बॉर्डर पर प्रोटेस्ट किया था. https://twitter.com/PTI_News/status/720140587400347648 https://twitter.com/ANI_news/status/719845219252969472 साल 1992 में कथित तौर पर वाघा बॉर्डर क्रॉस करने पर किरपाल को पाकिस्तानी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. बाद में पाकिस्तानी कोर्ट ने किरपाल को लाहौर में हुए बम धमाकों का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई. कोट लखपत जेल के अधिकारी के मुताबिक, किरपाल सिंह की मौत के बाद तुरंत ज्यूडिशिल ऑफिसर को बुलाया गया, जिसने कैदियों के बयान दर्ज किए. अधिकारी ने बताया कि कैदियों ने कहा कि किरपाल के सीने में अचानक तेज दर्द उठा और उनकी मौत हो गई.
किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर ने कहा, '24 साल के इंतजार के बाद अब हमें मालूम चला कि उनकी मौत हो गई. हमें नहीं मालूम कि किरपाल सिंह की मौत कैसे हुई.' https://twitter.com/ANI_news/status/719720947662594053 सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा, 'किरपाल सिंह के साथ वही हुआ है, जो सरबजीत सिंह के साथ हुआ था. इसकी जांच होनी चाहिए. इंडिया से एक टीम वहां भेजी जानी चाहिए. किरपाल सिंह का मर्डर हुआ है, मौत नहीं.' गुरदासपुर के रहने वाले थे किरपाल
किरपाल सिंह गुरदासपुर के रहने वाले हैं. लाहौर हाईकोर्ट ने किरपाल को बम धमाकों के आरोप से रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद किरपाल सिंह को रिहा नहीं किया गया. किरपाल की फैमिली के मुताबिक, फाइनेंशियल कंडीशन बहुत अच्छी न होने की वजह से हम आवाज नहीं उठा सके. और किसी नेता ने भी हमारी आकर कोई मदद नहीं की.
किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर ने कहा, '24 साल के इंतजार के बाद अब हमें मालूम चला कि उनकी मौत हो गई. हमें नहीं मालूम कि किरपाल सिंह की मौत कैसे हुई.' https://twitter.com/ANI_news/status/719720947662594053 सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा, 'किरपाल सिंह के साथ वही हुआ है, जो सरबजीत सिंह के साथ हुआ था. इसकी जांच होनी चाहिए. इंडिया से एक टीम वहां भेजी जानी चाहिए. किरपाल सिंह का मर्डर हुआ है, मौत नहीं.' गुरदासपुर के रहने वाले थे किरपाल
किरपाल सिंह गुरदासपुर के रहने वाले हैं. लाहौर हाईकोर्ट ने किरपाल को बम धमाकों के आरोप से रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद किरपाल सिंह को रिहा नहीं किया गया. किरपाल की फैमिली के मुताबिक, फाइनेंशियल कंडीशन बहुत अच्छी न होने की वजह से हम आवाज नहीं उठा सके. और किसी नेता ने भी हमारी आकर कोई मदद नहीं की.Advertisement













