इतने बड़े स्तर पर गिरफ्तारी अचानक ही नहीं हुई है. इसकी कई वजहें हैं. पश्चिम बंगाल में ISIS की मौजूदगी का डर पहले से था. ढाका अटैक के बाद ये डर और गहरा हो गया था. इसके अलावा बहुत सारे लोगों पर रियल एस्टेट सेक्टर में जबरन पैसा वसूलने की बात भी सामने आ रही थी. आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोग भी इसमें शामिल हैं.
बताते हैं कि हफ्ते भर पहले बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ममता बनर्जी को फोन करके कहा था कि कुछ लोग उनके एक बंगाली रिश्तेदार को धमका के पैसे खींच रहे हैं. इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के ही काउंसलर अनिंद्य चट्टोपाध्याय को गिरफ्तार किया गया था.

शेख हसीना.
कोलकाता के पंछियों के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी वसूली करने वाले लोगों की लिस्ट बना रही थी. इसमें अपनी पार्टी के लोगों को भी नहीं छोड़ा गया. ममता बनर्जी का सख्त आदेश था इस मामले में.
हालांकि अभी पूरी पिक्चर क्लियर नहीं है
अभी इतना ही पता चला है कि सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बर्दवान से हुई हैं. वहां 653 क्रूड बम मिले हैं और 1117 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिले के कल्यानपुर गांव में एक आदमी के घर से 123 बम मिले. इसके अलावा गांजा, दारू और हथियार अच्छी-खासी मात्रा में बरामद हुए. दो साल पहले इस जिले में बांग्लादेश के JMB ग्रुप के आतंकवादी मारे गए थे. JMB वही ग्रुप है जिस पर ढाका हमलों का आरोप है.इसी महीने में ही बर्दवान स्टेशन से बीरभूम जिले के मोसिरुद्दीन उर्फ़ मोसी उर्फ़ मजनू को गिरफ्तार किया गया था. उसने JMB और ISIS से ताल्लुक होने की बात कबूली थी.
एक साथ इतनी ज्यादा गिरफ्तारियां होना कई तरह के सवाल खड़े करता है. ये केस भारत की इंटरनल सिक्योरिटी से जुड़ा है. देखना है कि आगे क्या होता है.






















