बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के मैनेजर ख़ालिद मशूद ने बताया कि सारे खिलाड़ी डरे हुए थे
न्यूज़ीलैंड की नूर मस्जिद में जो हमला हुआ उससे सब सकते में हैं. हमले में अब तक 49 लोगों की मौत हो चुकी है. न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला कहा है. दुनिया भर के लोग इस हमले पर बातें कर रहे हैं. चर्चा में ये हमला तो है ही लेकिन बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी है. क्योंकि इस हमले में बांग्लादेश की लगभग पूरी क्रिकेट टीम बाल-बाल बची है. ईएसपीएन में छपी खबर के मुताबिक बांग्लादेश टीम के मैनेजर ख़ालिद मशूद ने बताया कि-
टीम तीन या चार मिनट पहले ही पहुंची थी, वे हमले के वक़्त मस्जिद के अंदर हो सकते थे. मैं कहूंगा कि हम बहुत ख़ुशनसीब थे. हम शुक्रगुज़ार हैं कि हम फ़ायरिंग के बीच में नहीं फंसे लेकिन हमने जो देखा वह किसी फ़िल्म के सीन के जैसा था.
उन्होंने आगे कहा कि-
बस में 17 मेंबर्स थे और मैनेजर के तौर पर मेरी ज़िम्मेदारी थी कि मैं लड़कों को होटल लाऊं. यह बहुत मुश्किल था, हमें लगा कि हम किसी फ़िल्म के सीन को देख रहे हों. हम देख सकते थे कि ख़ून में लथपथ लोग मस्जिद से बाहर भागते हुए आ रहे थे. हम सभी बस में अपने सिर झुकाए बैठे हुए थे ताकि कोई हम पर भी गोलियां न चला दे.
खालिद मसूद ने ये भी कहा कि सिर्फ लिटन दास, नईम हसन और स्पिन बॉलिंग के कोच सुनील जोशी बस में मौजूद नहीं थे. वे सभी होटल में ही रुके हुए थे. बाकी सभी लोग बस में थे, जो बहुत ही किस्मत से बच पाए. हम नमाज़ के लिए मस्जिद पहुंचने ही वाले थे कि वहां गोलीबारी शुरू हो गई.
ईएसपीएन के बांग्लादेश संवाददाता मोहम्मद इसाम गोलीबारी के वक्त खिलाड़ियों के साथ मौजूद थे. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि खिलाड़ी बहुत डरे हुए थे. किसी तरह वो बस से निकलकर पार्क के रास्ते भागे और सुरक्षित जगह पहुंचकर सबने अपनी जान बचाई.
बांग्लादेश के खिलाड़ी तमीम इकबाल ने फिर ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि पूरी टीम सुरक्षित है. वो मंज़र काफी डराने वाला था, हमारे लिए दुआ करें.
बांग्लादेश की टीम को न्यूज़ीलैंड के साथ 16 मार्च से तीसरा टेस्ट मैच खेलना था. पहले दो टेस्ट मैच हारने के बाद तीसरा टेस्ट शनिवार से शुरू होना था. लेकिन इस घटना के बाद तीसरा टेस्ट मैच रद्द कर दिया गया.