''1971 में आज ही के दिन 'आनंद' रिलीज़ हुई थी. उसी सुबह घर से निकलकर अमिताभ बच्चन ने अपने कार में पेट्रोल भराया और निकल गए. उसी शाम जब वो दोबारा उसी पेट्रोल पंप पर तेल लेने गए, तो लोग उन्हें पहचाचने लगे थे.''
सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव अमिताभ बच्चन की नज़र से ट्वीट भी नहीं बच पाया. उन्होंने आशीष को कोट करते हुए लिखा-
''वाकई में ऐसा हुआ था. ये पेट्रोल पंप एस.वी. रोड पर इरला (विले पारले) में है.''
'आनंद' अमिताभ बच्चन के करियर की पहली क्लीन हिट बताई जाती है. उसके पहले आईं उनकी फिल्मों पर जनता ने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया. 'आनंद' ही वो फिल्म है, जिसने अमिताभ को एक्टर से स्टार बनाया. 'आनंद' की कहानी एक कैंसर पेशेंट (राजेश खन्ना यानी आनंद सहगल) के बारे में थी, जो फुलऑन अपनी बची-खुची ज़िंदगी जी लेना चाहता है. और दूसरी ओर एक डॉक्टर (अमिताभ बच्चन यानी डॉ. भास्कर) है, जो उस पेशेंट की ऐसी हालत में ये ज़िंदादिली देखकर हैरान है. दोनों की अच्छी दोस्ती हो जाती है. लेकिन इन दोनों की दोस्ती टूट जाती है क्योंकि तब कैंसर लाइलाज था. बाद में वो डॉक्टर इन्हीं अनुभवों पर किताब लिखता है, जिसे नाम देता है 'आनंद'. इस फिल्म को ह्रषिकेश मुखर्जी ने डायरेक्ट किया था. वीडियो देखें: अपनी सदाबहार जवानी पर बने मीम्स का अनिल कपूर ने जवाब दिया है






















