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JNU में बाहरी लोगों ने लगाए थे देश विरोधी नारे: उमर

पुलिस से पूछताछ में बोला उमर, 'अफजल की फांसी का मुद्दा दिल के करीब.' कन्हैया की अर्जी पर 29 फरवरी को सुनवाई.

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सरेंडर के समय उमर खालिद, अनिर्बन.
कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद देशद्रोह के आरोपी JNU छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने सरेंडर कर दिया है. पुलिस से पूछताछ में उमर खालिद ने कहा, 'अफजल की फांसी का मुद्दा दिल के करीब है. 9 फरवरी के प्रोग्राम की हमने प्लानिंग तो की थी, लेकिन देश विरोधी नारे बाहरी लोगों ने लगाए थे.' इससे पहले आरोपी छात्र ने मंगलवार आधी रात को जेएनयू सिक्योरिटी एजेंसी की गाड़ी से बाहर आए. यूनिवर्सिटी गेट पर पुलिस की दो गाड़ियां मौजूद थीं. वहां वे पुलिस वालों से मिले और सरेंडर कर दिया. छात्रों पर 9 फरवरी को कैंपस में देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप है. https://twitter.com/ANI_news/status/702299929444642816 दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, दोनों से 5 घंटे तक पूछताछ की गई और इसमें उन्होंने पूरा सहयोग किया. दोनों ने बता दिया कि इतने दिनों तक वे कहां छिपे रहे थे. ये बात कंफर्म नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है उमर खालिद ने अफजल गुरु के समर्थन में बोलने की बात मानी है. वहीं कन्हैया कुमार की जमानत अर्जी पर सुनवाई 29 फरवरी तक चल गई है. पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान के रिमांड की मांग की है. हाईकोर्ट ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की रिमांड प्रोसेस को सीक्रेटली करने के लिए कहा है, ताकि आरोपी छात्रों को किसी तरह का खतरा न हो. https://twitter.com/PTI_News/status/702369212912771072 https://twitter.com/PTI_News/status/702365770479771648 https://twitter.com/PTI_News/status/702369460682924032 दिल्ली पुलिस ने दोनों कोर्ट में पेशी के लिए एक सीक्रेट प्लान बनाया है, ताकि सुरक्षा की कोई दिक्कत न हो. सरेंडर से पहले क्या बोला उमर खालिद: https://www.youtube.com/watch?v=ZR_zw_Xdfeo https://twitter.com/ANI_news/status/702206939778813953 पुलिस ने उमर, अनिर्बान से पूछे ये सवाल 'इतने दिन कहां थे. किस किस ने मदद की. किसने पैसे दिए. प्रोग्राम किस मकसद से किया था. जेएनयू से इजाजत ली थी. अफजल गुरु के सपोर्ट में नारे क्यों लगाए थे. इंडिया अंगेस्ट के नारे लगाए थे, तो क्यों? कितने लोग आपके साथ शामिल थे. बैनर कहां बने थे. प्रोग्राम के लिए फंड किसने दिया. आप में से गिलानी को कौन-कौन जानता है. कन्हैया को कब से जानते हो. प्रोग्राम को लेकर मीटिंग कब हुई थी?' हालांकि बाकी तीन आरोपी छात्र- अनंत प्रकाश, आशुतोष कुमार और रामा नागा- ने कहा है कि वे सरेंडर नहीं करेंगे. अनंत ने कहा, 'हम पुलिस को अपने फोन नंबर पहले ही दे चुके हैं. जब पुलिस ने हमें अब तक फोन नहीं किया तो हम क्यों सरेंडर करें?' https://twitter.com/ANI_news/status/702304311943028736 मामले में JNU स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार  की  गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपी फरार हो गए थे. लेकिन रविवार रात वे जेएनयू कैंपस लौट आए थे. तब से पुलिस की गाड़ियां हर वक्त जेएनयू गेट पर मौजूद रही, लेकिन छात्रों की गिरफ्तारी के लिए कैंपस में नहीं घुसी. पुलिस चाहती थी कि छात्र खुद सरेंडर करें. छात्र चाहते थे कि पहले कोर्ट उनकी सुरक्षा मुकर्रर करे.

सरेंडर फैंसी नहीं हो सकता: कोर्ट

इससे पहले, मंगलवार को उमर खालिद और अनिर्बान की 'सेफ सरेंडर' की अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि आपका सरेंडर 'मरज़ी का और फैंसी' नहीं हो सकता. खालिद और अनिर्बान सरेंडर करें और प्रक्रिया का पालन करें. उनकी 'अंतरिम सुरक्षा' की मांग को खारिज करते हुए जस्टिस प्रतिभा रानी ने कहा कि गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर हर शख्स को ट्रायल कोर्ट में पेश करना ही होता है और वही उसके पुलिस रिमांड पर फैसला लेती है. गिरफ्तार JNUSU अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हुए हमले का जिक्र करते हुए दोनों आरोपियों ने कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी.
 

मारपीट के आरोपी वकील गिरफ्तार, चंद घंटों में मिली बेल

उधर पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर आरोपी कन्हैया, पत्रकारों और जेएनयू प्रोफेसरों से मारपीट करने वाले एक और वकील यशपाल शर्मा मंगलवार को गिरफ्तार किए गए. लेकिन कुछ ही घंटों में उन्हें जमानत मिल गई. यशपाल सिंह को दो अलग-अलग केस में गिरफ्तार किया गया था. 15 फरवरी को कोर्ट के बाहर छात्रों और पत्रकारों से मारपीट के आरोप में और 17 फरवरी को सोनीपत के एक वकील से कथित तौर पर मारपीट के लिए. यशपाल भी उस स्टिंग ऑपरेशन में कैमरे पर कैद हुए थे, जिसमें तीन वकीलों ने कबूला था कि उन्होंने कन्हैया कुमार और जेएनयू छात्रों और प्रोफेसरों की बुरी तरह पिटाई की थी. इस स्टिंग ऑपरेशन में कैद राजनाथ सिंह के करीबी वकील विक्रम सिंह को जांच में शामिल होने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने जवाब नहीं दिया है.

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