हिमाचल प्रदेश के चुनाव में पुरानी पेंशन योजना यानी OPS एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. कांग्रेस ने कहा है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो पुरानी पेंशन योजना को लागू करेंगे. जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को फायदा होगा. इसके लिए कांग्रेस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया और कहा कि अगर वे इन दो राज्यों में ऐसा कर सकती है, तो हिमाचल प्रदेश में भी करेगी.
OPS लागू होगा? जानिए क्या बोले हिमाचल CM जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस शासित राज्यों में OPS लागू नहीं हुआ है, सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई है.


हालांकि, बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है. दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी को दिए एक इंटरव्यू में राज्य के बीजेपी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सिर्फ कागजी कार्रवाई की है, जमीन पर योजना को लागू नहीं किया है.
इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी ने OPS के मुद्दे को त्यागा नहीं है, बल्कि इसपर फैसला केंद्रीय नेतृत्व लेगा. ये किसी एक राज्य के द्वारा नहीं किया जाएगा
ठाकुर ने कहा,
‘देखिए, इस विषय को लेकर मैं एक ही बात कहना चाहता हूं कि OPS स्वाभाविक तौर इस समय कर्मचारियों के लिए एक इमोशनल मुद्दा बना हुआ है. वो हमेशा इस बात के लिए अपना आग्रह रखते हैं. जो कांग्रेस OPS लागू करने की बात कर रही है, उसी ने इसे खत्म किया था. हिमाचल प्रदेश में जब वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे, उन्होंने ही OPS खत्म किया था और NPS लागू किया था. अगर कांग्रेस को ये एहसास हो गया था कि उन्होंने कर्मचारियों के साथ गलत किया है, तो उन्हें साल 2012 में ये काम कर लेना चाहिए था. उस समय वीरभद्र सिंह फिर से मुख्यमंत्री बने थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. अचानक 20 साल बाद इस मुद्दे को खोला गया है.’
उन्होंने आगे कहा,
‘मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मुद्दा बहुत संवेदनशील है, हमने कर्मचारियों के मन का भाव देखा है. हमने कभी भी इस बारे में मना नहीं किया है. लेकिन हमने कहा है कि हम अकेले ये निर्णय नहीं कर सकते हैं क्योंकि हिमाचल के साथ-साथ अन्य 18 प्रांतों में भी बीजेपी की सरकार है. हमको यदि एक राज्य में निर्णय लेना है तो हमें बाकी राज्यों में भी निर्णय लेने का काम करना होगा. इसलिए इस विषय पर कोई एक राज्य निर्णय नहीं लेगा, हमारा केंद्रीय नेतृत्व इस पर फैसला करेगा. हमने ये विषय केंद्र के समक्ष रखा है. उसपर अभी चर्चा चल रही है.’
जयराम ठाकुर ने ये भी कहा,
‘हमने राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है. इसके क्या वीत्तीय प्रभाव पड़ेंगे उसपर विचार चल रहा है. कर्मचारियों की भी राय ली गई है. ये सब इतना सरल नहीं है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने भले ही घोषणा कर दी है, लेकिन वे अभी लागू करने की स्थिति में नहीं हैं. दोनों राज्य केंद्र की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख रहे हैं. क्योंकि कर्मचारियों का जो पैसा कटा है, वो मार्केट में निवेश हुआ पड़ा है. और ये सब एक अलग नियम व शर्तों के तहत हुआ है. पैसा ऐसे ही तो वापस नहीं हो पाएगा.’
उन्होंने कहा कि इस योजना में राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ MOU किया है और MOU एकतरफा समाप्त नहीं किया जा सकता है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे कहा,
‘हिमाचल में कई सारे ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी OPS के लिए पात्रता बन ही नहीं पा रही है. इसलिए इसमें ऐसी कई सारी चीजें हैं, जिनका समाधान निकालना जरूरी है.’
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि इसका हल निकाला जाएगा.
जमघट: जयराम ठाकुर ने सौरभ द्विवेदी के सामने मोदी के फोन, वीरभद्र और OPS पर क्या खुलासे किए?











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