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CM पद छोड़ कर जेल गए थे, अब जेल छोड़ कर CM पद की शपथ लेंगे हेमंत सोरेन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी साल की 31 जनवरी को Hemant Soren को एक कथित ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ़्तार कर लिया था. पांच महीने जेल में काटने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय ने उन्हें ज़मानत दे दी.

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गिरफ़्तारी से पहले 31 जनवरी को हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. (फ़ोटो - PTI)

तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं हेमंत सोरेन. चंपई सोरने के इस्तीफे के बाद उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी साल की 31 जनवरी को उन्हें एक कथित ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ़्तार कर लिया था. पांच महीने जेल में काटने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय ने उन्हें ज़मानत दे दी. शुक्रवार, 28 जून को उन्हें रिहा कर दिया गया.

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गिरफ़्तारी से पहले हेमंत सोरेन ने इस्तीफ़ा दे दिया था और चंपई सोरेन नए मुख्यमंत्री बन गए थे. हेमंत के बाहर आने के बाद चंपई सोरेन ने बुधवार, 3 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया. अब हेमंत फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

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28 जून को झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन को 8.36 एकड़ भूमि पर अवैध क़ब्ज़े से संबंधित एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में ज़मानत दे दी थी. दरअसल, हेमंत सोरेन के एक सहयोगी का नाम ज़मीन हड़पने वाले एक सिंडिकेट में आया था. उनपर ज़मीन के काग़ज़ात में हेराफेरी के भी आरोप लगे थे. इसी सिलसिले में ED ने सोरेन को दस समन भेजे थे, जिनमें से आठ का जवाब उन्होंने दिया नहीं. इसके बाद 31 जनवरी की सुबह ED की टीम हेमंत सोरेन के रांची स्थित घर पहुंची थी. कथित ज़मीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे कई घंटों तक पूछताछ के हाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. 

ये भी पढ़ें - क्या है वो ज़मीन 'घोटाला', जिसमें हेमंत सोरेन अरेस्ट हुए?

जब सोरेन पांच महीने जेल काटने के बाद बाहर निकले, तो उन्होंने मीडिया से कहा:

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जिस तरह से आज के वक़्त में विपक्ष के नेताओं, समाजसेवियों, लेखकों, पत्रकारों की आवाज़ों को सुनियोजित तरीक़े से दबाने का प्रयास किया जा रहा है, ये पूरे देश में किसी से छिपा नहीं है. और न्याय मिलने में जो वक़्त लगता है, वो भी…

एक झूठी मनगढ़ंत कहानी गढ़कर मुझे 5 महीने तक जेल में बंद रखा गया. ऐसे ही देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहा है. दिल्ली के मुख्यमंत्री जेल में हैं. मुझे लगता है ये एक संदेश है. केवल राज्य के लिए नहीं देशभर के लिए, कि कैसे हमारे विरुद्ध एक षड्यंत्र रचा गया.

चंपई सोरेन ने जब राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंपा, तब हेमंत उनके बग़ल में ही खड़े थे. जब उनसे पूछा गया कि वो कब शपथ लेंगे, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी.

वीडियो: जमघट: कल्पना सोरेन ने चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन की जेल, भ्रष्टाचार और CM बनने के सवाल पर क्या बताया?

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