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'सोचा था जन्मदिन पर बेटा फोन करेगा, फोन आया मगर उसकी मौत का'

पाकिस्तन ने शहीद प्रभु सिंह की लाश से ऐसी बर्बरता की है कि उनका चेहरा देखना मुश्किल है. 23 नवंबर को जन्मदिन था.

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राइफलमैन प्रभु सिंह के पिता चंद्र सिंह और उनकी बेटी पलक. ये फोटो इंडियन एक्सप्रेस के लिए रोहित जैन पारस ने खींची है.
जम्मू कश्मीर का माछिल सेक्टर. सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाई पड़ी पाकिस्तानी आर्मी ने घात लगाकर कायराना वार किया और उसमें तीन इंडियन जवान शहीद हो गए. उनमें से एक थे प्रभु सिंह. पाकिस्तानी आर्मी ने सिर्फ मारा ही नहीं बल्कि उनकी लाश के साथ जुल्म किया है. अब अफसरों के सामने ये मुश्किल है कि शहीद का चेहरा उसकी फैमिली को कैसे दिखाएं. क्योंकि लाश की ऐसी हालट है कि घर वाले देखकर विचलित हो सकते हैं.
मंगलवार को मछिल में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान 57 राष्ट्रीय राइफल के तीन सैनिक शहीद हो गए थे. प्रभु सिंह के अलावा शशांक कुमार सिंह और मनोज कुमार कुशवाहा शहीद हुए हैं. ये दोनों यूपी के गाजीपुर के रहने वाले थे.
प्रभु सिंह राजस्थान के जोधपुर में शेरगढ़ के रहने वाले थे. प्रभु सिंह के पिता चंद्र सिंह से इंडियन एक्सप्रेस ने उनके घर जाकर बातचीत की. बुधवार को चंद्र सिंह ने बताया कि अगर आज वो जिंदा होता तो पूरे 25 साल का हो गया होता. हम सोच रहे थे, बेटा जन्मदिन पर फोन करेगा. मगर फोन आया तो उसकी मौत का. अपने जन्मदिन से एक दिन पहले ही हमें छोड़कर चला गया. वह कहते हैं कि प्रभु पिछले महीने घर आया था और दिवाली से दस दिन पहले ही चला गया. सोमवार को मेरी उससे फोन पर बातचीत हुई. मंगलवार को मैंने फोन किया तो कोई जवाब नहीं आया. चंद्र सिंह कहते हैं, 'जब प्रभु सिंह का जन्म हुआ था, उसी वक्त सोच लिया था कि वो उसे सेना में भेजेंगे. मेरे पिता अचल सिंह सेना में रहे हैं. मैं खुद 1979 से 1998 तक सेना में रहा हूं. जम्मू कश्मीर में भी पोस्टिंग रही है. मेरे तीन भाई भी सेना में है. हमारे परिवार की संस्कृति ही देश की सेवा करने की रही है.'
चंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए, वरना सैकड़ों जवान शहीद हो जाएंगे. कुछ रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों ने पीएम मोदी के 2014 में एक सिर के बदले 10 सिर काटकर लाने वाले चुनावी वादे की भी याद दिलाई. कहा, 'चुनावी वादे कभी पूरे नहीं होते. कुछ ना कुछ कमी रह जाती है. प्रधानमंत्री मोदी को अब कुछ करना ही चाहिए.' https://twitter.com/ANINewsUP/status/801241365052997632?ref_src=twsrc%5Etfw
प्रभु की शादी साल 2013 में हुई थी. उनके 10 महीने की बेटी पलक है. चार बहनों के इकलौते भाई प्रभु के दो बहनों की शादी हो चुकी है जबकि 2 बहनों की शादी की जिम्मेदारी अभी उनके कंधों पर ही थी. मंगलवार शाम को फोन आया कि प्रभु शहीद हो गया है, उसके बाद से उनकी पत्नी ओम कंवर ने कुछ नहीं खाया. प्रभु सिंह का शव बुधवार को श्रीनगर लाया गया. मौसम खराब होने की वजह से आगे नहीं भेजा जा सका. शव को पहले चंडीगढ़, फिर जोधपुर लाया जाएगा. लेकिन अधिकारियों के आगे बड़ा सवाल है कि परिवार को शहीद का चेहरा दिखाया जाए या नहीं. क्योंकि पाकिस्तानी आर्मी ने शव के साथ जो सलूक किया है उससे घर वाले विचलित हो सकते हैं.

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