कुछ मजदूर काम करके लौट रहे थे. थके. और सो गए. सड़क किनारे. खुला-तेज एक्सप्रेसवे का किनारा था. नींद के वक्त एक तेज ट्रक आई, मजदूरों को रौंद दिया. तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. 11 लोग घायल हो गए.
काम से थके मजदूर सड़क पर सोए, तेज़ रफ्तार ट्रक ने जान से मार डाला!
जिस सड़क पर काम किया, उसी सड़क पर मौत हुई, किनारे बैरकेडिंग लगाकर सो रहे थे.


घटना हरियाणा के बहादुरगढ़ में कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेस-वे की है. मजदूर असौदा टोल के पास सो रहे थे, जब तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें राउंड दिया.
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक घायलों को इलाज के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है. वहीं एक घायल व्यक्ति को बहादुरगढ़ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है. जिन तीन मजदूरों की मौत हो गई है, उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के जिला अस्पताल भिजवाया गया है.
मृतक और घायल मजदूर एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत का काम करते थे. वे काम की थकान के बाद सड़क किनारे सो गए थे.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिस बेकाबू ट्रक ने मजदूरों को कुचला है, वह कोयले से लदी हुई थी.
झज्जर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन शक्ति सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा,
यूपी के थे मजदूर'केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे की दूसरी तरफ बैरियर लगाकर मजदूर सड़क के किनारे खुले में सो गए थे. पुलिस ने उन्हें सड़क से दूर सोने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने नजरअंदाज किया. सुबह में ट्रक ने उन्हें कुचल दिया. हम फरार हुए ट्रक चालक के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं.'
दैनिक भास्कर के मुताबिक दुर्घटना में घायल हुए अनीस और रजनीश ने बताया कि सभी मजदूर केएमपी पर बने पुलों की रिपेयरिंग का काम करते थे. चूंकि वे देर रात काम करने की वजह से थक गए थे, इसलिए सड़क किनारे ही सो गए.
मजदूरों ने सावधानी बरतते हुए एक साईड में बैरिकेडिंग कर दी थी और रिफ्लेक्टर भी लगाए थे. सुरक्षा के लिए पानी का टैंकर और जेनसैट भी खड़ा कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद तेज रफ्तार ट्रक ने मजदूरों को कुचल दिया. वे उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं और दो महीने से इस एक्सप्रेस-वे पर काम कर रहे थे.
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