The Lallantop

राम रहीम ने ही बनाया था वो खेल, जिसमें इंडिया ओलंपिक के सारे मेडल जीत लाता!

नाम भी एकदम गजब!

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
रंजीत सिंह मर्डर केस में दोषी पाए गए गुरमीत राम रहीम को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उसके अलावा 4 अन्य दोषियों को भी यही सजा दी गई है. इनके नाम हैं जसबीर, सबदिल, इंदर सेन, अवतार और किशन लाल. इंदर सेन की 2020 में मौत हो गई थी. बाकी 4 दोषियों की बाकी जिंदगी अब जेल में ही कटेगी. सजा के ऐलान के बाद गुरमीत राम रहीम फिर चर्चा में है. लल्लनटॉप ने इस बलात्कारी और हत्यारे के बारे में कई स्टोरी की हैं. अदालत के फैसले के बाद हम कई स्टोरी एक बार फिर अपने पाठकों के सामने रख रहे हैं. इनमें से एक ये स्टोरी 29 अगस्त 2016 को प्रकाशित की गई थी.
डेरा सच्चा सौदा के सीईओ गुरमीत राम रहीम सिंह का नया शिगूफ़ा - रुमाल छू प्रतियोगिता. मल्लब एकदम गजब! स्कूल के दिन याद आ गए. फ़ुल नोस्टेल्जिया. हम गेम्स वाले पीरियड का इंतज़ार करते थे और यहां सिरसा में इनने पूरी प्रतियोगिता ऑर्गनाइज़ कर दी. बताइए. कल हम साक्षी मलिक, पीवी सिंधू, गुरुदेव गोपीचंद, दीपा कर्मकार और सचिन की फ़ोटो ट्वीट कर रहे थे और आज ये खबर बतानी पड़ रही है. कॉन्ट्रास्ट देखिये. सबसे मज़े की बात ये कि इस प्रतियोगिता का नाम तिरंगा रुमाल छू लीग नाम रक्खा गया है. एकदम देशभक्ति में ओत-प्रोत. तिरंगा शब्द का इससे सटीक इस्तेमाल और नहीं हो सकता था. इसके लिए डेरा के पीआर वालों को बधाई. प्रतियोगिता के दौरान डेरा चीफ़ राम रहीम भी मौजूद थे. साथ ही आये हुए थे हरयाणा स्पोर्ट्स मिनिस्टर अनिल विज. अब आते हैं मेन खबर पर. मामला ये बैठा कि अनिल विज ने वहां पर खेल देखते हुए 50 लाख रुपये डोनेट कर दिए. 50 लाख! समझते हैं. हज़ार के नोटों की 50 गड्डियां! रुमाल छू प्रतियोगिता में दान दे दिए. कहने लगे अभी पैसे नहीं हैं वरना और देते. विश्वास न हो रहा हो तो पिछला सेंटेंस दो-तीन बार पढ़ लीजिये. मुझे भी नहीं हो रहा था. तीन-चार जगह से कन्फर्म कर के बता रहा हूं. अनिल विज की टाइमिंग भी कमाल है. उन्होंने 50 लाख ठीक उस वक़्त डोनेट किये हैं जब पूरा देश ओलंपिक में आये मात्र 2 मेडलों पर त्राहिमाम कर रहा है. ये वो समय है जब ओलंपिक की लम्बी रेस में एथलीट को पानी नहीं मिल पाया था. वो फ़िनिश लाइन पर अचेत पड़ी हुई थीं. दीपा कर्मकार को वॉल्ट करने के लिए स्कूटर का सहारा लेना पड़ता था. उनके जिम में चूहे दौड़ते थे. एथलीट्स को रियो इकॉनमी क्लास में भेजा गया था. गोपीचंद ने बैडमिन्टन प्लेयर्स को ट्रेनिंग देने के लिए अपना घर गिरवी रक्खा हुआ था. और यहां रुमाल छू प्रतोयोगिता में 50 लाख का डोनेशन पेशे खिदमत था. फॉलोवर पब्लिक भी खुश, मंत्री भी खुश, डेरा के सीईओ भी खुश. बाकी दुनिया हरमोनिया बजा रही है. मिनिस्टर अनिल विज के अनुसार गेम बहुत इंट्रेस्टिंग था. कहने लगे कि ये तो कबड्डी, खो-खो, और रेस्लिंग का कॉम्बो है. राम रहीम का कहना है कि वो मिले हुए पैसों का इस्तेमाल अगले ओलंपिक में एथलीट तैयार करने के लिए करेंगे. वैसे उन्हें कोई बताये कि रुमाल छू इंटरनेशनल लेवल तो क्या, नेशनल लेवल पर भी नहीं खेला जाता है. इस लिहाज़ से अक्खा सिरसा में राम रहीम की टीम रुमाल छू में वर्ल्ड चैंपियन कहलाई जा सकती है. और हां, अगर राम रहीम ने ओलंपिक के लिए एथलीट तैयार करने शुरू किये तो ओलंपिक का नाम बदल कर लोलंपिक भी रखा जा सकता है. https://www.youtube.com/watch?v=55MBjzOFhh8

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement