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'यात्रा में तलवार, हथियार क्यों?' भाजपा सांसद ने नूह हिंसा पर सख्ती के साथ क्या कह दिया?

भाजपा सांसद इंद्रजीत सिंह ने 'जीजा आ रहा' वाले भड़काऊ वीडियो पर भी बड़ी बात कह दी...

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राव इंद्रजीत सिंह ने उठाए सवाल (PTI/Twitter)

हरियाणा के नूह से शुरू हुई हिंसा गुरुग्राम तक पहुंची. अब तक 5 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है. अब घटना को लेकर गुरुग्राम के भाजपा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने बड़े सवाल खड़े किए हैं. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने पूछा कि -

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किसने हथियार दिए उनको इस जुलूस में ले जाने के लिए? जुलूस में कोई तलवार लेकर जाता है? लाठी-डंडे लेकर जाता है जुलूस के लिए? उन्हें हथियार किसने दिए? यह गलत है. इस तरफ से भी उकसावे की कार्रवाई हुई. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि दूसरी तरफ से कोई उकसावे की कार्रवाई नहीं हुई. लेकिन तलवार या लाठियां लेकर जुलूस में कौन जाता है?

इंद्रजीत सिंह ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट लोगों में "नकारात्मक सोच" पैदा कर रहे हैं. मैंने पुलिस से जांच करने को कहा है कि ऐसे भड़काऊ वीडियो किसने अपलोड किए. किसी ने कहा कि कुछ ऐसे वीडियो थे जिनमें कहा गया था, 'हम इस धार्मिक समारोह के लिए आ रहे हैं, आपका दामाद आ रहा है. रोक सकते हो तो रोक लो.' अगर ऐसे वीडियो अपलोड किए जाते हैं, तो इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

वहीं, राज्य में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी बयान सामने आया है. मुख्यमंत्री ने इस घटना को षडयंत्र बताया है. उन्होंने कहा,

''नूह में जो घटना हुई वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. एक समाज की यात्रा निकल रही थी जोकि हर साल आयोजित होती है. उस यात्रा पर एक षडयंत्र के तहत आक्रमण किया गया. यात्रा रोकी गई और पुलिस के ऊपर भी हमला हुआ. ये किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है. नूह से बाहर के लोग जो घटना में शामिल थे, उनकी पहचान की जा रही है. किसी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा.''

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस हालिया हिंसा के संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की और ताजा हाल जाना.

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कैसे हुई शुरुआत?

दरअसल हरियाणा के मेवात क्षेत्र में 31 जुलाई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ निकाली गई थी. दोपहर करीब एक बजे यात्रा फिरोजपुर झिरका के लिए रवाना हुई. रास्ते में तीन जगहों पर लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने बताया कि करीब 5 किलोमीटर दूर युवकों के एक ग्रुप ने जुलूस को रोका और इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई. देखते ही देखते पथराव और आगजनी होने लगी. इस हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए.

हिंसा के बाद मेवात क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं 2 अगस्त तक के लिए सस्पेंड कर दी गईं. वहीं नूह, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले में धारा 144 लगाई गई. गुरुग्राम और पलवल में सभी निजी और सरकारी स्कूल-कॉलेज एक अगस्त को बंद रहे. इस घटना में मस्जिद के इमाम समेत पांच लोग के मारे जाने की खबर सामने आई. नूह जिले के SP नरेंद्र बिजारणिया के मुताबिक मोनू मानेसर के यात्रा में शामिल होने की खबरों को लेकर ही लोग आपस में भिड़ गए.
 

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