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धीरेंद्र शास्त्री ने क्षत्रियों के 'भगवान' को 'बलात्कारी' बोला, सड़क पर उतरे लोग, दी बड़ी चेतावनी!

लोग बोले- धीरेंद्र शास्त्री माफी मांगे, नहीं तो...

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धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ खड़ा हुआ हैहयवंशी क्षत्रिय समाज (फोटो- आजतक)

बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी को लेकर हैहयवंशी क्षत्रिय समाज के लोग नाराज हैं. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की (Dhirendra Shashtri Controversy). इन लोगों ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री माफी मांगें. साथ ही साथ देशभर में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ प्रदर्शन करने की बात कही. थाने में आवेदन भी दे दिया गया है.

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आजतक से जुड़े नवेद जाफरी ने मामले पर रिपोर्ट तैयार की है. आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने हैहयवंशी क्षत्रिय समाज के ईष्ट श्री राजराजेश्वर को लेकर कुछ विवादित टिप्पणी की है. इसी पर बवाल हो रहा है. मध्य प्रदेश के सीहोर में 27 अप्रैल की रात को हैहयवंशी क्षत्रिय समाज के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में लोग थाना कोतवाली पहुंचे. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाना कोतवाली में ज्ञापन दिया गया है.

ज्ञापन में कहा गया,

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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो हमारे भगवान के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की है, वो निंदनीय है. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने शब्दों को वापस लें वरना समाज के लोग देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.

हैहयवंशी क्षत्रिय समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण ताम्रकार ने आजतक से बातचीत में कहा,

छतरपुर के बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दो दिन पहले सोशल मीडिया अकाउंट से और कथा के दौरान हमारे आराध्य श्री राजराजेश्वर और हैहयवंशी को लेकर दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी की है. उनकी टिप्पणी से ऐसा लगता है कि वो समाज को विभाजित करने का काम कर रहे है. उन्होंने बहुत ही अशोभनीय टिप्पणी की है. भगवान श्री राजराजेश्वर को लेकर अशब्द कहे हैं. देशभर में समाज के लोगों में आक्रोश है. समाज के लोगों ने उनके खिलाफ देशभर में FIR के लिए आवेदन दिया है.

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धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था? 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री ने कथित तौर पर क्षत्रियों की कहानी सुनाते हुए उनके राजा को कुकर्मी और साधुओं पर अत्याचार करने वाला, स्त्रियों का बलात्कार करने वाला बताया. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ऐसे आतताइयों के खिलाफ ही भगवान परशुराम ने फरसा उठाया, भगवान परशुराम क्षत्रियों के विरोधी नहीं थे, पापचारी-अत्याचारी के विरोधी थे. 

थाना कोतवाली के टाउन इंस्पेक्टर नलिन बुधौलिया ने बताया कि मामले पर जांच शुरू कर दी गई है. जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

वीडियो: धीरेंद्र शास्त्री का मुंबई में कार्यक्रम था, कथा खत्म हुई और महिलाएं थाने पहुंच गईं

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