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गुरुग्राम हिंसा के बाद ऑफिस और रास्तों को लेकर फैल रहीं ये अफवाहें, पुलिस ने सच बताया

गुरुग्राम पुलिस ने बताया है कि क्या अफवाह है और क्या सच

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अफवाहों को लेकर पुलिस का बयान (PTI)

हरियाणा के नूह और गुरुग्राम में हुई हिंसा के बाद अब अफवाहों का दौर शुरू हो गया है. ये अफवाहें सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही हैं. कहा जा रहा है कि हिंसा की घटना के बाद से गुरुग्राम के सभी बाजार और दफ्तर बंद हैं. कुछ जगह ऑफिस में वर्क फ्रॉम होने, तो कुछ जगह ऑफिस गए लोगों से घर लौटने की बातें कही जा रही हैं. कई पोस्ट में इंटरनेट और रास्ते बंद होने की बात भी हो रही है. हालांकि गुरुग्राम पुलिस ने इन बातों का खंडन किया है.

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गुरुग्राम पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से ऐसी अफवाहें न फैलाने की अपील की है. गुरुग्राम पुलिस ने ट्वीट कर लिखा,

''हम अफवाह फैलाने वाली ऐसी सूचनाओं की निंदा करते हैं. सभी ऑफिस खुले हैं और उनमें काम हो रहा है. गुरुग्राम में कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है. सभी लोगों से अपील है कि इस तरह की अफवाह नहीं फैलाएं."

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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

वहीं राज्य में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी बयान सामने आया है. मुख्यमंत्री ने इस घटना को षडयंत्र बताया है. उन्होंने कहा,

''नूह में जो घटना हुई वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. एक समाज की यात्रा निकल रही थी जो कि हर साल आयोजित होती है. उस यात्रा पर एक षडयंत्र के तहत आक्रमण किया गया. यात्रा रोकी गई और पुलिस के ऊपर भी हमला हुआ. ये किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती है. नूह से बाहर के लोग जो घटना में शामिल थे उनकी पहचान की जा रही है. किसी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा.''

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हालिया हिंसा के संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की और ताजा हाल जाना.

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कैसे हुई शुरुआत?

दरअसल हरियाणा के मेवात क्षेत्र में 31 जुलाई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ निकाली गई थी. दोपहर करीब एक बजे यात्रा फिरोजपुर झिरका के लिए रवाना हुई. रास्ते में तीन जगहों पर लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने बताया कि करीब 5 किलोमीटर दूर युवकों के एक ग्रुप ने जुलूस को रोका और इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई. देखते ही देखते पथराव और आगजनी होने लगी. इस हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए.

हिंसा के बाद मेवात क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं 2 अगस्त तक के लिए सस्पेंड कर दी गईं. वहीं नूह, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले में धारा 144 लगाई गई. गुरुग्राम और पलवल में सभी निजी और सरकारी स्कूल-कॉलेज एक अगस्त को बंद रहे. इस घटना में मस्जिद के इमाम समेत पांच लोग के मारे जाने की खबर सामने आई. नूह जिले के SP नरेंद्र बिजारणिया के मुताबिक मोनू मानेसर के यात्रा में शामिल होने की खबरों को लेकर ही लोग आपस में भिड़ गए.

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