गुजरात के सूरत कोर्ट के जज ने गुरूवार, 5 मई को ग्रीष्मा वेकरिया मर्डर केस में मनुस्मृति का श्लोक पढ़कर सजा सुनाई. ग्रीष्मा की हत्या करने वाले फेनिल पंकज गोयाणी को फांसी की सजा सुनाते हुए सेशंस कोर्ट के जज विमल व्यास ने पहले श्लोक पढ़ा फिर इसका मतलब भी समझाया. साथ ही उन्होंने कहा कि सजा देना आसान नहीं है, लेकिन यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस है.
सूरत मर्डर केस: जज ने मनुस्मृति का श्लोक पढ़ा, बोले- मौत की सजा सुना पाना आसान नहीं
और फिर श्लोक का मतलब बताते हुए ग्रीष्मा वेकरिया के हत्यारे को फांसी पर चढ़ाने का हुक्म दे दिया!


इस श्लोक को पढ़ते हुए सुनाई सजा
यत्र श्यामो लोहिताक्षो दण्डश्चरति पापहा ।
प्रजास्तत्र न मुह्यन्ति नेता चेत्साधु पश्यति ॥
यत्र श्यामः लोहिताक्षः दण्डः चरति पापहा ।
प्रजाः तत्र न मुह्यन्ति नेता चेत् साधु पश्यति ।।
श्लोक का मतलब है-
जिस स्थान पर नीले रंग और लाल आंखों वाला, पापों का अंत करने वाला 'दण्ड’ विचरण करता है. और जहां शासन का निर्वाह करने वाला उचित और अनुचित का विचार कर दण्ड देता है, उस स्थान पर प्रजा दुखी और अशांत ना होकर, आनंद पाती है.
सजा सुनाते हुए जज ने और क्या कहा?
श्लोक का अर्थ बताने के बाद जजमेंट सुनाया गया. 70 दिनों तक चले ट्रायल के बाद सजा सुनाते हुए जज विमल व्यास ने हत्यारे को लेकर कहा कि उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा,
हत्या के समय ग्रीष्मा निसहाय थी, 12 इंच की छुरी उसके गले पर लगी हुई थी. वो जब आरोपी फेनिल से छूटने की कोशिश कर रही थी, तब ही उसका गला काटा गया. ग्रीष्मा ने उसे छोडने के लिए आरोपी के पैर पकड़े, तब भी उसे जरा सी भी दया नहीं आई. आरोपी को इस घटना का अफसोस नहीं है और ना ही कानून का कोई डर था. ग्रीष्मा महज 20 साल की थी, उसके भी सपने थे.
जज विमल व्यास ने जजमेंट सुनाते हुए निर्भया केस और कसाब केस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन केसों में भी क्राइम करने के बाद अपराधियों को कोई पछतावा नहीं था. वहीं जज ने फैसला सुनाते वक्त युवाओं को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा,
आज की युवा पीढ़ी मोबाइल में दिलचस्पी रखती है. वो हिंसक वेब सीरीज देखती है, युवाओं के लगातार वेब सीरीज देखने की वजह से मानसिकता पर भी काफी असर होता है. वेब सीरीज में लगातार हिंंसा और अश्लीलता रहती है. युवाओं को खुद का समय सही कामों में लगाना चाहिए. इस तरह की चीजों को देखना युवाओं को नकारात्मक मानसिकता की ओर ले जाता है.
ग्रीष्मा के परिजन क्या बोले?
सूरत कोर्ट के मुख्य सरकारी वकील नयन भाई सुखड़वाला ने बताया कि कोर्ट के फैसले से ग्रीष्मा के परिजन संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा,
ग्रीष्मा वेकरिया के हत्यारे फेनिल गोयाणी की फांसी की सजा के एलान के बाद ग्रीष्मा के भाई ध्रुव वेकरिया और पिता ने अदालती फैसले पर संतोष जताया है. पिता ने कहा है कि उनकी बेटी को ही नहीं, बल्कि देश की हर बेटी को न्याय मिला है. अब पिता ने जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग की है.
'फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे'
फेनिल गोयानी के वकील जमीर भाई शेख सजा से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वे सूरत कोर्ट के फैसले के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट जाएंगे. वकील जमीर भाई शेख ने सूरत कोर्ट के जजमेंट पर कई सवाल खड़े किए.
क्या था मामला
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना करीब तीन महीने पहले की है. 12 फरवरी 2022 की शाम करीब 6 बजे 20 साल के फेनिल पंकज गोयाणी ने 21 साल की ग्रीष्मा को उसके घर से कुछ दूरी पर पकड़ लिया. इसके बाद उसने एक धारदार चाकू से ग्रीष्मा का गला रेत दिया. आरोपी ने ग्रीष्मा के भाई और चाचा पर भी हमला किया था. कोर्ट ने ग्रीष्मा के भाई और चाचा पर हुए हमले का भी क्राइम माना है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. 10 दिनों से भी कम समय में पुलिस ने मामले में 2500 से अधिक पेजों की चार्जशीट दाखिल की थी. इस मामले में 190 गवाहों के बयान लिए गए.
जहांगीरपुरी हिंसा के बाद शांति बनाए रखने का संदेश देने वाले 'मास्टरमाइंड' की कहानी क्या है?





















