आपकी थाली में खाने का स्वाद बढ़ाने वाली चीजें एक-एक कर महंगी होती जा रही हैं. खटास लाने वाला टमाटर (Tomato), खुशबूदार धनिया, छौंके वाला जीरा और जायकेदार अदरक. इन सबके बाद हरी मिर्च (Green Chilli) का नंबर आ गया है. चेन्नई में तो हरी मिर्च 200 रुपये प्रति किलो की कीमत पर बिक रही है. कई शहरों में भाव इससे भी ज्यादा है.
टमाटर और धनिया के बाद अब हरी मिर्च की बारी, खाने के बाद नहीं दाम सुनकर पानी मांग रहे लोग
थोक में 50 से 75 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं खुदरा में मिर्च का भाव 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है.


आजतक से जुड़े धर्मेंद्र कुमार, जय नागड़ा और भूपेन्द्र चौधरी ने रेट लिस्ट को लेकर रिपोर्ट तैयार की है. मंडी में हरी मिर्च थोक में 50 से 75 रुपये किलो प्रति किलो बिक रही है. वहीं खुदरा में मिर्च का भाव 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है.
क्यों बढ़ रही मिर्च की कीमत?हरी मिर्च मध्य प्रदेश के बड़वानी और गुजरात से आती है. मध्य प्रदेश में फसल खराब होने के चलते गुजरात से ही हरी मिर्ची इंदौर पहुंचाई जा रही है. इससे थोक में भाव 75 रुपये प्रति किलो तक हो गया है. थोक व्यापारियों का कहना है कि दो साल बाद हरी मिर्च के दाम बढ़े हैं. वहीं खुदरा दुकानदारों का कहना है कि माल बहुत कम आ रहा है और अनुमान है कि मिर्च के दाम 160 रुपये प्रति किलो तक भी हो सकते हैं.
देश के तमाम शहरों में टमाटर 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की कीमत पर बिक रहा है. कुछ शहरों में तो ये रेट 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया हैं. एशिया की सबसे बड़ी थोक फल और सब्जी मंडी आजादपुर में तीन जुलाई को टमाटर का थोक भाव 60 से 120 रुपये किलो रहा. बारिश की वजह से फसलें खराब हो रही हैं और सप्लाई में भी दिक्कत आ रही है.
इससे पहले, इस साल जनवरी में टमाटर के भाव गिर गए थे जिसके बाद कुछ किसानों से टमाटर की खेती से दूरी बना ली. इस वजह से टमाटर का भी प्रोडक्शन कम हो गया. फिलहाल, टमाटर के भाव कम होने के आसार भी कम हैं क्योंकि मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है.
इसके अलावा अदरक और धनिया की कीमत 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. जीरा तो 500 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है. फिलहाल, लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है.
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