ऑफिस से निकलने के पहले वॉशरूम जाना ज़रूरी है. घर से निकलते वक़्त भी ध्यान रखना पड़ता है कि 'लगी' तो नहीं है. अगर कभी भूल गए तो रास्ते भर टेंशन रहती है. ये बात आदमियों के लिए नहीं है. उन्हें ये सब करने की कोई ज़रूरत नहीं है. उन्हें कहीं भी 'हल्के' होने की इजाज़त है. ख़ैर, शहरी विकास मंत्रालय ने हम लड़कियों को इस मामले में राहत देने की जुगाड़ लगाई थी. अब इस राहत पर ठप्पा लगा रहे हैं अपने गूगल बाबा. रास्ते में वॉशरूम मिलना और वो भी साफ़-सुथरा... किसी सपने जैसा है न? इसी सपने को पूरा करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने पिछले साल एक पायलेट योजना शुरू की थी. इससे आप गूगल मैप पर अपने नजदीकी टॉयलेट ढूंढ सकते हैं. अब इस योजना को नई दिल्ली मुंसिपल काउंसिल आगे बढ़ा रहा है. इसमें लोगों को फीडबैक देने की सुविधा दी जा रही है. मतलब कि अगर वॉशरूम गंदा निकले तो आप झट से शिकायत कर सकते हैं. एनडीएमसी ने 'टॉयलेट लोकेटर अवेयरनस' कैंपेन लॉन्च किया है. इसका नाम है 'टॉयलेट करेंगे सर्च, टॉयलेट रखेंगे स्वच्छ'. स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर और शहरी विकास मंत्रालय के ज्वॉइंट सेकेट्री प्रवीन प्रकाश ने कहा कि लोगों को टॉयलेट पर फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
एनडीएमसी के चेयरमैन ने कहा,
ये कैंपेन 12 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा. कैंपेन ख़त्म होने के बाद सबसे साफ़ टॉयलेट को अवॉर्ड दिया जाएगा.
बताओ कैसा है टॉयलेट
मंत्रालय चाहता है कि लोग गूगल मैप से टॉयलेट ढूंढें और बताएं कि वो कितना साफ़-सुथरा लगा. उन्हें रेंटिंग दें जिससे उसमें सुधार हो सके. फिलवक़्त गूगल मैप पर लगभग 333 टॉयलेट दिखते हैं. कैंपेन में मुंसिपल टॉयलेट कॉम्प्लेक्स के अलावा मॉल के टॉयलेट, पेट्रोल पंप और दूसरे सार्वजनिक शौचालय शामिल किए जाएंगे.
स्वच्छ भारत की ओर
सरकार देश को साफ़ करने में लगी है. कई कैंपेन चल रहे हैं. मंत्री से लेकर संतरी तक झाड़ू मारते दिख जाते हैं. हालांकि कई बार उसके लिए 'जानबूझ' कर गंदगी करनी पड़ती है. लेकिन चलो कुछ तो हो रहा है. अब अक्षय कुमार भी अपनी प्रेम कथा में टॉयलेट को जोड़ रहे हैं तो आप भी फीडबैक दे ही दीजिए. एनडीएमसी को सहूलियत होगी. और हमें भी.
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