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घोसी उपचुनाव में जमकर बंटा 'लाल कार्ड', लेकिन ये है क्या?

यूपी के घोसी विधानसभा उपचुनाव की चर्चा खूब हो रही है.

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पुलिस का लाल कार्ड.

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  • घोसी विधानसभा उपचुनाव में पुलिस ने लगभग 300 लोगों को चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने के शक में नोटिस रूपी 'लाल कार्ड' जारी किया है, जो शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए है।
  • अधिकतम आरोप-प्रत्यारोप और पिछली शिकायतों के कारण हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद पुलिस ने 'लाल कार्ड' नोटिस की भाषा में बदलाव किया है ताकि मानहानि के विवाद न हों।
  • उपचुनाव में बीजेपी और सपा के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा के तहत प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और आगे भी चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के प्रयास जारी रहेंगे।

यूपी के घोसी विधानसभा उपचुनाव की चर्चा खूब हो रही है. सत्ता पक्ष और विपक्ष ने घोसी जीतने के लिए हर उपाय कर डाले हैं. जम कर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं. इस बीच एक 'लाल कार्ड' है जो वोटर्स को दिया जा रहा है. 

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क्या है ये लाल कार्ड?

ये राशन कार्ड वाला लाल कार्ड नहीं है, बल्कि पुलिस का एक नोटिस है. पुलिस की तरफ से ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है जिन पर चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने का शक होता है. घोसी में अब तक लगभग 300 लोगों को ये लाल कार्ड दिया जा चुका है और मतदान से पहले तक पुलिस चिह्नित कर और भी लोगों को ये लाल कार्ड थमाने जा रही है.  ऐसे संदिग्ध लोगों को नोटिस देकर पुलिस आगाह करती है कि अगर उन्होंने कोई भी गड़बड़ी की तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी. इस नोटिस के आधार पर अगर किसी व्यक्ति ने शांतिभंग करने की या चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की तो उन पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है. इस पूरी कवायद का मकसद शांतिपूर्ण मतदान कराना होता है.

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कोर्ट में गया था लाल कार्ड का मामला

चुनावों के दौरान पुलिस अक्सर ये लाल कार्ड जारी करती रही है. हालांकि हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब इसकी भाषा में बदलाव किया गया है. एक पुलिस के अधिकारी ने लल्लनटॉप को बताया कि पहले पुलिस लाल कार्ड में जो भाषा लिखती थी, उसमें सीधे सीधे आरोप लगा दिया जाता था. लिखा होता था कि ‘ज्ञात हुआ है कि आप चुनाव में गड़बड़ी करेंगे’. 

पुलिस को ऐसी भाषा के ख़िलाफ़ कुछ लोग मानहानि का आरोप लगाते हुए लगभग 10 साल पहले हाई कोर्ट चले गए. कोर्ट ने भाषा शैली पर नाराज़गी जताई. इसी वजह से इस नोटिस में भाषा को थोड़ा बदल दिया गया है. अब नोटिस में पुलिस की तरफ से कह दिया जाता है कि मतदान करने के बाद संबंधित व्यक्ति घर से बाहर न घूमे.

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घोसी में गड़बड़ी की आशंका

मऊ ज़िले की घोसी सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव होना है. ये चुनाव बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गया है. समाजवादी पार्टी और बीजेपी, दोनों ने चुनाव आयोग में एक दूसरे पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. बीजेपी ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के बेटे के ख़िलाफ़ शिकायत देकर मामला दर्ज कराया है. आरोप है कि सुधाकर सिंह के बेटे ने पुलिस को धमकी दी है. वहीं सपा ने भी बीजेपी पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप मढ़ा है. उधर प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कहते हुए कड़े सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं.

घोसी सीट से 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीते दारा सिंह चौहान ने बीजेपी जॉइन कर ली थी. इस वजह से उन्हें विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. इस्तीफ़े के बाद ख़ाली हुई सीट पर उपचुनाव हो रहा है. बीजेपी ने दारा सिंह चौहान को ही फिर से प्रत्याशी बनाया है. वहीं सपा ने पूर्व विधायक सुधाकर सिंह को टिकट देकर मैदान में उतारा है. घोसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रचार किया है. इस उपचुनाव को NDA बनाम I.N.D.I.A. की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है.

वीडियो: घोसी चुनाव को लेकर BJP का झंडा बना रही महिला ने क्या बोल चौंका दिया?

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