The Lallantop

1300 सालों से 100 फ़ीट ऊंची चट्टान में जड़ी हुई थी तलवार, अचानक ग़ायब हो गई!

किंवदंती है कि 1,300 बरसों से ज़्यादा समय से ये तलवार एक चट्टान की दीवार पर बहुत ऊंची जगह पर गड़ी हुई थी. ज़ंजीरों से लिपटी हुई. अब ख़बर ये आई है कि ये तलवार ग़ायब हो गई है.

Advertisement
post-main-image
1300 बरसों से इसी चट्टान में धंसी हुई थी तलवार. (फ़ोटो - सोशल)

दुनिया में सात अजूबे हैं. आगरे का ताजमहल, गीज़ा का पिरामिड, बेबीलॉन के झूलते बाग़ीचे, ओलम्पिया में ज़ियस की मूर्ति, अर्टेमिस का मन्दिर, माउसोलस का मकबरा, रोड्स का कोलेसस और ऐलेक्ज़ेन्ड्रिया का रोशनीघर. जीके की किताबों में यही पढ़ने को मिलता है. मगर इसके इतर भी दुनिया में बहुत अजूबे हैं. छोटी-छोटी मान्यताओं में, छोटे समूहों-समुदायों में. ऐतिहासिक गुत्थियों से ओत-प्रोत. ऐसे ही एक ब्रिटेन के एक मिथकीय राजा थे, किंग आर्थर. उनके होने के पुख़्ता सबूत नहीं है, मगर वो एक लोक नायक और मध्ययुगीन साहित्यिक परंपरा के एक केंद्रीय शख़्सियत रहे. उनके पास एक 'जादुई' तलवार थी. किंवदंती है कि 1,300 बरसों से ज़्यादा समय से ये तलवार एक चट्टान की दीवार पर बहुत ऊंची जगह पर गड़ी हुई थी. ज़ंजीरों से लिपटी हुई. अब ख़बर ये आई है कि ये तलवार ग़ायब हो गई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
ऐसा क्या ख़ास है इस तलवार में?

फ़्रांस में एक गांव है, रोकामडोर. जिस तलवार का ज़िक्र है, उसका नाम एक्सकैलिबर (Excalibur) है. ये एक 'पौराणिक' तलवार है, जो कथित तौर पर राजा आर्थर के पास थी. इसी का एक फ़्रेंच वर्ज़न है ड्यूरनडल (Durandal). स्थानीय किंवदंतियों के मुताबिक़, ड्यूरनडल तब तक की सबसे ताक़तवर तलवार थी. ऐसे क़िस्से चलते हैं कि पत्थर तक चीर सकती थी.

ये तलवार रोलांड नाम के योद्धा के पास थी, जो आठवीं शताब्दी में सम्राट शारलेमेन की तरफ़ से लड़ता था. 'द सॉन्ग ऑफ़ रोलांड' शीर्षक से एक कविता है, जिसमें तमाम जादुई गुणों का ब्योरा है. मान्यता है कि अपनी अंतिम लड़ाई में लड़ते हुए रोलांड चाहता था कि ये हथियार दुश्मन के हाथों में न पड़े. इसीलिए पहले उसने इसे नष्ट करने की कोशिश की, फिर इसे आसमान की ओर फेंक दिया और ये सैकड़ों मील दूर रोकामाडोर चट्टान में जा गिरा.

Advertisement

ये भी पढ़ें - अल्बर्ट आइंस्टीन की लिखी चिट्ठी की कीमत 33,00,00,000 रुपये! ऐसा क्या लिख दिया था?

अब ये तलवार ग़ायब हो गई है, और इसके ग़ायब होने से रोकामाडोर की जनता में दुख पसर गया है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ये क़ीमती अवशेष अपने सही चट्टानी घर में वापस आ जाए. मेयर डोमिनिक लेनफैंट ने स्थानीय अख़बार ‘ला डेपचे’ से कहा कि रोकामाडोर से उसका एक हिस्सा छीन लिया गया है.

पुलिस ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कोई व्यक्ति चट्टान से 100 फीट ऊपर चढ़कर तलवार तक कैसे पहुंच गया. इस चोरी के अलावा ख़बर ये भी है कि फ्रांस की सड़कों पर इस तरह की चोरी आम होती जा रही है. 

Advertisement

वीडियो: बिहार में नदी में पुल बहने का कारण भ्रष्टाचार? आख़िर कौन है इसके पीछे ज़िम्मेदार?

Advertisement