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DPS के 'टीचर' ने छात्र की गर्दन पर ऐसा घूसा मारा वेंटिलेटर पर पहुंच गया

छात्र के परिवार ने बताया कि भाई के कहने पर वो स्कूल लौटा तो PTI टीचर ने फिर उसे मारा था.

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(फोटो: आजतक)

फरीदाबाद स्थित डीपीएस स्कूल के एक छात्र के वेंटिलेटर पर पहुंचने का मामला खबरों में है. छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्कूल के पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) टीचर की पिटाई के चलते उनका बच्चा वेंटिलेटर पर पहुंच गया है. इलाज के लिए छात्र को ओखला के होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे का नाम अपूर्वा सिंह है. वो 12वीं का छात्र है.

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के पिता उमाकांत ने बताया,

‘यहां के पीटीआई ने मेरे बच्चे को बुरी तरह से मारा था. इसके कारण मेरा बच्चा होली फैमिली अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. इसे लेकर मैं बहुत परेशान हूं. मेरी मांग है कि डीपीएस प्रशासन के खिलाफ न्यायिक जांच की जाए, ताकि मेरे बच्चे को इंसाफ मिले.’

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उन्होंने आगे कहा,

‘पीटीआई ने बच्चे की गर्दन पर घूसे से मारा था, दीपावली से करीब एक हफ्ते पहले की ये बात है. इसी के बाद से बच्चे को धीरे-धीरे लकवा जैसा महसूस होने लगा और उसके सिर का पिछला हिस्सा सुन्ना होने लगा था. उसे दर्द रहता था. इसके कारण बच्चे ने स्कूल जाना बंद कर दिया था. भाई के कहने पर वो स्कूल आया और उस टीचर ने फिर से उसे मारा था.’

उमाकांत ने कहा कि एक हफ्ते से बच्चे को होश नहीं आ रहा है. उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि उसके सिर के पिछले हिस्से में चोट आई है, लेकिन स्कूल कुछ भी करने को तैयार नहीं है. 

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इस मामले को लेकर पीड़ित पिता ने पुलिस से शिकायत की है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. पिता ने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें अरेस्ट किया जाए.

वहीं डीपीएस स्कूल प्रशासन की ओर से मनीष वाधवा नाम के शख्स ने कहा कि परिजनों को पूरा सपोर्ट दिया जा रहा है. मनीष ने कहा कि स्कूल प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है. उनके मुताबिक स्कूल ने उस पीटीआई को सस्पेंड कर दिया है, जिस पर बच्चे को पीटने का आरोप है. वाधवा ने कहा,

‘उनको (परिवार) पूरा सहयोग किया जा रहा है. 5 नवंबर को बच्चे के चाचा स्कूल आए और बताया कि 3 नवंबर को बच्चा स्कूल आने के लिए तैयार हो रहा था, तभी वो अचानक से बीमार हो गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे स्कूल के जो पीटीआई हैं, उन्होंने कुछ किया है जिसके कारण बच्चे की ये स्थिति हुई है.’

मनीष ने कहा कि स्कूल बच्चे के साथ खड़ा है और परिवार की हर संभव मदद कर रहा है.

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