देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने का काम जारी है. इसके लिए कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- PTI-रॉयटर्स)
उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस बीच कोविड वैक्सीन लगवाने पर भी सरकार की तरफ से जोर दिया जा रहा है. लोग भी इस काम में सरकार का साथ देते दिख रहे हैं और तुरंत रजिस्ट्रेशन करा कर वैक्सीन लगवाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंच रहे हैं. लेकिन इस बीच यहां कोरोना वैक्सीन से जुड़े फर्जीवाड़े की भी एक खबर आई है. जानते हैं क्या है पूरा मामला. 17 अप्रैल को यूपी के कानपुर में दर्शन पूर्वा में रहने वाली तनमन सिंह और उनके भाई पुनीत सिंह ने ट्वीट किया कि उनके माता पिता और नानी का कोविन (CoWIN) के पोर्टल पर झूठा अपडेशन हुआ है. उनका कहना है कि बिना वैक्सीन लगे ही कोविन पोर्टल पर यह अपडेट कर दिया गया है कि टीका लग गया है.जबकि जिस दिन टीका लगना था उस दिन वे हॉस्पिटल गए ही नहीं। 17 अप्रैल को किया गया तनमन सिंह का ये ट्वीट देखिए.
मेरे माता-पिता और नानी के टीकाकरण की स्थिति को COWIN में गलत तरीके से अपडेट किया गया है, अब वे टीकाकरण नहीं करवा सकते हैं. कृपया कार्रवाई करें और उनका टीकाकरण करें.
तनमन सिंह का कहना है कि उनके पिता कमलेश सिंह (57 वर्ष), माता पंकज लता सिंह (55 वर्ष) और नानी विद्या वर्मा (71 वर्ष) का कोविड -19 के चलते टीकाकरण होना था. 3 अप्रैल को कमलेश सिंह ने टीकाकरण के लिए रजिस्टर किया. टीका 16 अप्रैल को लगना था, लेकिन नानी की तबियत ख़राब होने की वज़ह से वे सब हॉस्पिटल नहीं जा पाए. और ज़ाहिर सी बात है, अगर हॉस्पिटल ही नहीं गए तो टीकाकरण कैसा. लेकिन यूपीएचसी रामबाग हॉस्पिटल के मेडिकल स्टाफ ने पोर्टल पर एंट्री कर दी की सभी का टीकाकरण 16 अप्रैल को हो गया है. साथ ही उन्हें रजिस्टर्ड नंबर पर मैसेज भी आया कि आरोग्य सेतु ऐप पर सभी का टीकाकरण प्रमाण पत्र जारी हो गया है. इस बारे में जब
दी लल्लनटॉप ने तनमन सिंह जी से बात की तो उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को 10:30 बजे उन्हें फिर हॉस्पिटल बुलाया गया था, टीकाकरण के लिए. लेकिन आज भी उनके परिवार का टीकाकरण नहीं हो पाया और ना ही कोई सुनवाई हो पा रही है. तनमन सिंह जी ने हमे बताया कि,
"आज (21 अप्रैल) सुबह जब हम यूपीएचसी रामबाग हॉस्पिटल पहुंचे, तो पहले तो हमसे ये कहा गया कि आज सब छुट्टी पर हैं. जब हमने पूछा कि हमे क्यों बुलाया गया है? तो हमें बताया गया कि कल वाला सारा स्टाफ नेहरू नगर शिफ्ट कर दिया गया है. इसके बाद जब हम नेहरू नगर हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां कोई हमसे बात करने को ही तैयार नहीं था. कोई ये भी बताने को तैयार नहीं था कि यहां का इंचार्ज कौन है."
तनमन सिंह का कहना है कि मेडिकल स्टाफ ने सिर्फ अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए ऐसा किया है. इस गलती की वजह से उनके माता पिता को मिलने वाली वैक्सीन अब उनको नहीं मिल पा रही है. तनमन का कहना है कि यह केवल कानून का ही उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों की जान के साथ भी खिलवाड़ है. उन्होंने आगे कहा,
"सिर्फ यही नहीं, इससे पहले 4 अप्रैल को भी इन लोगों ने ऐसा ही किया और फिर 14 अप्रैल को. 4 तारीख को 11 बजे काम शुरू किया और दोपहर के ढाई बजे कहा कि वैक्सीन ख़त्म. 14 तारीख को भी यही हुआ. हमारा 222 वा नंबर था. सुबह से शाम तक इंतज़ार करने के बाद 4:30 बजे फिर उन्होंने कहा कि कल आना."
बता दें कि इतनी परेशानी के बावजूद भी तनमन सिंह के परिवार का वक्सीनेशन नहीं हो पाया है. तनमन सिंह और उनके भाई ने अपने ट्वीट के जरिये कानपुर शहर के एसडीएम ,डीएम समेत उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय की मांग की है. उनका कहना है की इसके लिए ज़िम्मेदार मेडिकल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उनके परिवार का टीकाकरण किया जाए.