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कैंसर की नकली दवा बेचकर कइयों को लूटा, बड़े अस्पतालों के कर्मचारी खेल रहे थे मौत का खेल

रैकेट चलाने वाले दिल्ली और गुड़गांव के बड़े-बड़े अस्पतालों में काम करते थे. जिन लोगों को उन्होंने ठगा, उनमें से एक की मौत हो चुकी है.

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दिल्ली से चल रहा था नकली दवाओं का रैकेट. (फ़ाइल फोटो)

पांच महीने पहले दिल्ली पुलिस ने कैंसर की नकली दवा बनाने-बेचने वाले एक रैकेट को धरा था. इस केस में दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट में चार्जशीट दाख़िल की जा चुकी है. इसके मुताबिक़, जांच के दौरान नकली दवाई खाने वाले आठ मरीज़ों को ट्रैक किया गया था. पता लगा कि आठ में से एक मरीज़ की दवा खाने से मौत हो गई. 

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इंडियन एक्सप्रेस के महेंद्र सिंह मार्नल की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दिल्ली और गुड़गांव के बड़े-बड़े अस्पतालों में काम करते थे. उन्होंने कथित तौर पर फ़ार्मासिस्ट या अस्पताल कर्मचारियों से ज़रूरी दवाओं की ख़ाली शीशियां हासिल कीं. फिर इन शीशियों में नकली दवा भरी और फ़ार्मासिस्ट्स और वेबसाइट्स के ज़रिए बेच दिया. चार्जशीट में लिखा गया है कि नकली दवा की 140 से अधिक शीशियां ज़ब्त की गई हैं. खुले बाज़ार में इन नकली शीशियों की क़ीमत क़रीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कैसे, क्या पता चला?

कुल आठ लोग ठगे गए थे:- 

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  • एक उज़्बेकिस्तान का व्यक्ति, जिसने 5.92 लाख रुपये में छह इंजेक्शन ख़रीदे; 
  • जम्मू-कश्मीर का एक व्यक्ति, जिसने 1.8 लाख रुपये में दो इंजेक्शन ख़रीदे;
  • बिहार का एक व्यक्ति, जिसने अपनी पत्नी के लिए 3.6 लाख में 4 इंजेक्शन ख़रीदे;
  • हरियाणा का एक शख्स, जिसने 5.67 लाख रुपये में छह इंजेक्शन ख़रीदे; 
  • चंडीगढ़ की एक महिला, जिसने अपनी मां के लिए 13.5 लाख रुपये में 10 इंजेक्शन ख़रीदे थे; 
  • चंडीगढ़ की ही एक और महिला, जिसने अपनी दादी के लिए सेम रेट में (13.5 लाख रुपये) में 10 इंजेक्शन ख़रीदे; 
  • पंजाब का एक व्यक्ति, जिसने अपनी मां के लिए 16.2 लाख रुपये में 12 इंजेक्शन ख़रीदे; 
  • और, पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति जिसने अपने पिता के लिए 24 लाख रुपये में 24 इंजेक्शन ख़रीदे थे.

रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से बिहार वाले व्यक्ति की पत्नी की मौत हुई है. चार्जशीट में पुलिस ने लिखा है कि बिहार के मधुबनी के एक व्यक्ति की पत्नी मुंह और फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थीं. राजीव गांधी कैंसर संस्थान और पटना के बुद्ध कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. डॉक्टरों ने उनसे कीट्रुडा इंजेक्शन (Keytruda) लगाने के लिए कहा.

व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि एक ऑनलाइन वेबसाइट के ज़रिए एक व्यक्ति ने उन्हें संपर्क किया. नाम बताया, लव नरूला. उन्होंने उस पर भरोसा कर लिया और 2022 के अप्रैल से अगस्त के बीच उससे चार इंजेक्शन ख़रीदे. एक इंजेक्शन का दाम, 3.60 लाख रुपये. तब उनकी पत्नी बुद्ध कैंसर अस्पताल में भर्ती थीं. दो इंजेक्शन्स के कुछ समय बाद उनकी हालत बिगड़ गई और 11 सितंबर, 2022 को उनकी मौत हो गई.

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इस साल की शुरुआत में अपराध शाखा के अंतर-राज्यीय प्रकोष्ठ और दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने कई जगहों पर छापे मारे. इसी दौरान 12 मार्च को कुल सात आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया. जांच के दौरान बाद में पांच और लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

12 आरोपियों में से दो राजीव गांधी कैंसर संस्थान में फ़ार्मासिस्ट थे. बाक़ी आरोपी फ़ोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुड़गांव में मिलेनियम कैंसर सेंटर और दिल्ली में वेंकटेश्वर अस्पताल में काम करते थे. पुलिस ने सभी अस्पतालों को नोटिस भेजा और उनके जवाब आरोपपत्र में अटैच किए हैं.

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