जाटों का आरक्षण आंदोलन हुआ. लोग मारे गए. हिंसा हुई. गाड़ियां और दुकानें जलीं. इस सबके बीच 21 तारीख की रात को मुरथल से गैंगरेप की खबरें आईं. गाड़ियों को रोककर औरतों को बाहर निकाल खेतों में ले जाकर गैंगरेप हुआ. हरियाणा पुलिस के डीजीपी यशपाल सिंघल ने पहले इस बात को अफवाह बताया था और पूरे विश्वास से कहा था ऐसा कुछ नहीं हुआ.

फिर मौके पर औरतों के फटे हुए कपड़े मिले, अंडरगारमेंट्स मिले. मीडिया में फोटोज आईं. हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया. महिला आयोग पहुंचा और सबके सुर बदल गए. उन्हीं डीजीपी ने हेल्पलाइन के तीन नंबर दिए और कहा कि पीड़ित इस नंबर पर फोन करके बताएं हम एक्शन लेंगे. कपड़े जांच के लिए भेजे गए हैं. https://twitter.com/ANI_news/status/703486929677873152 पर अब गवाह सामने आ रहे हैं. जो मौके पर थे. एक ट्रक ड्राइवर निरंजन सिंह ने बताया कि कई औरतों के साथ गलत काम हुआ है. उनके कपड़े फाड़े गए हैं. और ऐसा करने वाले लड़के अब भी वहीं घूम रहे हैं.

एक दूसरा आई विटनेस जो उस रात अपनी एक रिश्तेदार को एयरपोर्ट छोड़ने जा रहा था उसने बताया कि सुखदेव ढ़ाबे के पास हाइवे के किनारे लोग छुपे बैठे थे. जैसे ही गाड़ियां निकलीं उनने हमला कर दिया. https://twitter.com/aajtak/status/703534889669259264 पीछे की गाड़ियों से औरतों को निकाल ले गए. वो चिल्ला रहे थे कि हम रेप करेंगे और उनने रेप किए भी. लेकिन अब कोई सामने नहीं आएगा. जाटों ने गाड़ियों में आग भी लगा दी. सुबह दो औरतें मिलीं उनके गले में चुनरी भी नहीं थी. वो डरी हुईं थी.

इसके अलावा एक NRI महिला जो उस दिन वहीँ से गुजर रही थी. उनने बताया कि आन्दोलन कर रहे लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर उन्हें भी खींचकर बाहर निकालना चाहा था लेकिन गाड़ी चलाते रहने के कारण वो ऐसा नहीं कर पाए.