बांग्लादेश में लिखने वालों पर जानलेवा हमले बढ़ते जा रहे हैं. बांग्लादेश की इकलौती समलैंगिकों की मैगजीन 'रूपबान' के एडिटर जुल्हास मन्नान की सोमवार को हत्या कर दी गई. मन्नान के साथ मौजूद उनके साथी तनय फहीम का भी हमलावरों ने मर्डर कर दिया. हमलावरों ने मन्नान के घर में घुसकर चाकुओं से हमला किया. हमले की जिम्मेदारी IS ने ली है. लेकिन बांग्लादेश सरकार का दावा है कि देश में IS की मौजूदगी नहीं है.
बताते हैं कि आरोपी हमलावर घर में कुरियर देने के बहाने से घुसे थे. जुल्हास मन्नान का ढाका के कलाबगान एरिया में अपार्टमेंट है. गार्ड ने जब रोका तो बदमाशों ने पहले गार्ड को चाकुओं से गोद दिया. फिर घुसकर मन्नान के फ्लैट में घुस गए. बताया जाता है कि दोनों के शरीर पर चाकू से गोदने के गहरे निशान थे.
मन्नान की उम्र 35 साल थी. मन्नान बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री दीपू मोनी के भतीजे थे. और बांग्लादेश में गे-राइट एक्टिविज्म के लिए जाने जाते थे. हमलावर जाते जाते अल्लाह- ओ- अकबर कहते हुए गए.
मन्नान पहले ऐसे बांग्लादेशी बुद्धिजीवी नहीं हैं, जिनपर कट्टरपंथियों ने हमला किया है. बांग्लादेश में प्रोग्रेसिव ख्यालों वाले लेखकों पर हमले होते रहे हैं. आगे देखिए मन्नान की मैगजीन के कुछ कवर...
