The Lallantop

इजरायल मेरी वजह से जिंदा, ओबामा ने तो... ट्रंप ने बताया कैसे उन्होंने यहूदी मुल्क को बचाया था

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका की जीत का दावा किया और साथ देने वाले खाड़ी देशों को धन्यवाद दिया. उन्होंने Israel की भी तारीफ की, लेकिन जल्द ही अपने ‘अहसान के बोझ के तले’ दबा भी दिया.

Advertisement
post-main-image
ट्रंप ने इजरायल समेत कई खाड़ी देशों की तारीफ की. (फोटो: इंडिया टुडे)

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 2 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. यह संबोधन करीब 20 मिनट तक चला, लेकिन ट्रंप ने इसमें कोई नया ऐलान नहीं किया. उन्होंने वही बातें दुहराईं, जो पिछले कुछ समय से वो कहते आ रहे हैं. ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका की जीत का दावा किया और साथ देने वाले खाड़ी देशों को धन्यवाद दिया. उन्होंने इजरायल की भी तारीफ की, लेकिन जल्द ही अपने ‘अहसान के बोझ के तले’ दबा भी दिया.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना बर्बाद हो गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की लीडरशिप पूरी तरह तबाह हो गई है. इस दौरान ट्रंप ने सहयोगी देशों को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन अपने खाड़ी सहयोगियों की हर हालत में रक्षा करेगा. ट्रंप ने कहा,

"मैं मिडिल ईस्ट में अपने साथियों, इजरायल, कतर, कुवैत, UAE को धन्यवाद देना चाहता हूं. वे बहुत अच्छे रहे हैं, और हम उन्हें किसी भी तरह से चोट या असफल नहीं होने देंगे."

Advertisement

ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि ईरान ने खाड़ी देशों पर कई बार हमले किए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार मिलता तो आज इजरायल नहीं होता. ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनकी सख्त नीति ने मिडिल ईस्ट और इजराइल को तबाही से बचाया.

ट्रंप ने इस दौरान 2015 में अमेरिका और ईरान के बीच हुए परमाणु समझौते का भी जिक्र किया. 2018 में ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को इस समझौते से बाहर कर लिया था. ट्रंप के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुआ यह समझौता अगर जारी रहता, तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का जखीरा हो जाता. उन्होंने दावा किया, 

“अगर यह समझौता चलता रहता, तो ईरान के पास कई साल पहले ही परमाणु हथियार आ जाते और वह उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता. दुनिया पूरी तरह अलग होती आज मिडिल ईस्ट और इजरायल शायद मौजूद ही नहीं होते."

Advertisement

राष्ट्र को संबोधन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि वह यह बताने जा रहे हैं कि एक नेता के तौर पर वह कितने कुशल हैं. ट्रंप ने कहा, “आज रात 9 बजे मैं एक छोटा सा भाषण देने वाला हूं और असल में मैं सबको यह बताने जा रहा हूं कि मैं कितना महान हूं.”

ईरान से समझौता कैसे टूटा ?

ईरान और दुनिया की छह प्रमुख शक्तियों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, रूस और जर्मनी) के बीच 2015 में एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था. समझौते के तहत ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के बड़े हिस्से को खत्म करने और यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को केवल 3.67% तक सीमित करने पर सहमति जताई थी, जो परमाणु बम बनाने के काफी नहीं होती.

ये भी पढ़ें: 'ईरान 3 हफ्ते में पाषाण युग में होगा, ऐसा मारेंगे... ', 24 घंटे बाद पलटे ट्रंप, भयानक जंग का ऐलान

2018 में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका को इस समझौते से बाहर कर लिया और ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए. अमेरिका के हटने के बाद, ईरान ने भी समझौते की कई शर्तों का पालन करना बंद कर दिया और अपने परमाणु संवर्धन स्तर को बढ़ा दिया.

वीडियो: दुनियादारी: क्या ट्रंप ईरान पर बड़ा हमला करेंगे?

Advertisement