The Lallantop

अमेरिका में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ट्रंप की वार्निंग- हमास का सपोर्ट किया तो होगा वीजा रद्द

Benjamin Netanyahu की US यात्रा से पहले ट्रंप प्रशासन ने एक आदेश पारित किया है. जिसके तहत फिलीस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले प्रवासी छात्रों को डिपोर्ट कर दिया जाएगा.

Advertisement
post-main-image
अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में गाजा युद्ध के विरोध में प्रदर्शन हुए थे. (Reuters, फाइल फोटो)

ट्रंप प्रशासन (Donald Trump) ने एक आदेश पारित किया है. जिसके तहत फिलिस्तीन के पक्ष में प्रदर्शन करने या उसका हिस्सा बनने पर कॉलेज के स्टूडेंट समेत दूसरे प्रवासियों का वीजा रद्द कर उन्हें उनके देश डिपोर्ट कर दिया जाएगा. डॉनल्ड ट्रंप ने 24 अगस्त को इस कार्यकारी आदेश पर साइन किया है. ये फैसला इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के अमेरिका दौरे से कुछ दिन पहले लिया गया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आदेश पर जारी एक फैक्ट शीट में बताया गया कि अमेरिकी यहूदियों के खिलाफ आतंकी धमकियों, आगजनी, बर्बरता और हिंसा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगा. और 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से यूनिवर्सिटी कैंपसेज और सड़कों पर ‘यहूदी विरोधी भावनाओं’ के उभार का मुकाबला करने के लिए जरूरी उपाय करेगा.

डॉनल्ड ट्रंप ने फैक्ट शीट में कहा कि वे जिहादी समर्थक प्रदर्शनों में शामिल होने वाले सभी प्रवासियों को चेतावनी देते हैं कि 2025 में उनको खोजकर देश से बाहर (निर्वासित) कर दिया जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने 2024 के अपने चुनावी वादे को दोहराते हुए कहा, 

Advertisement

मैं कॉलेज परिसरों में मौजूद हमास के समर्थक सभी छात्रों का वीजा तुरंत रद्द कर दूंगा, जो कट्टरपंथ से ग्रस्त हैं.

अमेरिकी अधिकार समूहों और लीगल स्कॉलर्स ने बताया कि ये आदेश फ्री स्पीच के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. और इसे कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा. कोलंबिया यूनिवर्सिटी के नाइट फर्स्ट अमेंडमेंट इंस्टीट्यूट में सीनियर स्टाफ अटॉर्नी कैरी डेसेल ने बताया, 

फर्स्ट अमेंडमेंट अमेरिका में सभी को सुरक्षा देता है. जिसमें अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. प्रवासियों को उनकी पॉलिटिकल स्पीच के आधार पर निर्वासित करना असंवैधानिक होगा.

Advertisement

अप्रैल और मई 2024 में अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में गाजा युद्ध के विरोध में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. जिसके बाद कैंपस में पुलिस बुलानी पड़ गई थी. कोलंबिया और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में इस विरोध प्रदर्शन का असर सबसे ज्यादा था. कोलंबिया यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष मिनोचे शफीक ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन से निपटने के तरीके की आलोचना की थी. और अगस्त 2024 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

4 फरवरी को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी दौरे पर जाने वाले हैं. डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वे वॉइट हाउस जाने वाले पहले विदेशी नेता होंगे. 

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉनल्ड ट्रंप के बीच फोन पर क्या बात हुई पता चल गया है!

Advertisement