इस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दिल और दिमाग पर सिर्फ भारत तारी है. वजह कई हैं, लेकिन उनकी पोस्टबाजी से तो यही जाहिर होता है. 2 फरवरी 2026 को रात 7:59 मिनट पर ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक तस्वीर पोस्ट की. इसमें भारत का ‘इंडिया गेट’ है, अमेरिका का कुछ नहीं. मगर ट्रंप के ड्रीम का एक दावा जरूर है. वो ड्रीम जो अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह से जुड़ा है.
ट्रंप ने इंडिया गेट की तस्वीर शेयर की, फिर बोले- 'हमारा सबसे महान होगा!'
Donald Trump ने भारत के India Gate की तस्वीर के साथ एक पोस्ट किया है. यह पोस्ट अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस और वाशिंगटन डीसी के एक प्रोजेक्ट से जुड़ा है.


ट्रंप के सामने 4 जुलाई 2026 को अमेरिका के 250वां स्वतंत्रता दिवस यूनीक अंदाज में बनाने की चुनौती है. उन्होंने एक ऐलान किया था, जिसे बार-बार भुनाने के लिए उन्हें अब भारत और भारत के ‘इंडिया गेट’ का भी सहारा लेना पड़ रहा है. ऐलान था कि 250वें स्वतंत्रता दिवस पर वाशिंगटन डीसी में 250 फुट ऊंचा 'इंडिपेंडेंस आर्क' सीना तानकर खड़ा होगा.
'इंडिपेंडेंस आर्क' ट्रंप के उस ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें वो वाशिंगटन डीसी में फ्रांस के पेरिस के 'आर्क डी ट्रायम्फ' जैसा मॉन्यूमेंट्ल आर्क बनाना चाहते हैं. इसके तहत ट्रंप अमेरिकी राजधानी की स्काईलाइन का कायापलट करना चाहते हैं.
अपनी पोस्ट में ‘इंडिया गेट’ की तस्वीर पोस्ट करने के साथ ट्रंप ने लिखा,
"इंडिया का खूबसूरत ट्रायम्फल आर्क (विजय द्वार). हमारा वाला उन सब में सबसे महान होगा!"
इस पोस्ट के जरिए ट्रंप जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वाशिंगटन डीसी का आगामी 'इंडिपेंडेंस आर्क' नई दिल्ली के ‘इंडिया गेट’, पेरिस के 'आर्क डी ट्रायम्फ' जैसे ऐतिहासिक द्वारों से भी बड़ा या ऊंचा होगा.

दी वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के प्लान के हिसाब से ‘इंडिपेंडेंस आर्क’ राजधानी में ‘लिंकन मेमोरियल’ और ‘आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री’ के बीच जमीन के एक छोटे से टुकड़े पर बनेगा. आलोचकों का कहना है कि यह लैंडमार्क मॉन्यूमेंट मौजूदा ‘लिंकन मेमोरियल’ जैसी ऐतिहासिक इमारतों के नजारों को कमतर कर सकता है.
ट्रंप ने इंडिया पोस्ट का फोटो तो शेयर कर दिया, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘इंडिपेंडेंस आर्क’ का जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है. ट्रंप इसके संभावित डिजाइन की तस्वीरें शेयर करते रहते हैं, लेकिन अभी ठोस कुछ नहीं है. उन्होंने इसका मॉडल भी दिखाया था. इसकी 250 फुट ऊंचाई पर भी सवाल हैं.

इसे बनाने में सरकारी पैसा खर्च नहीं होगा. इस स्मारक को प्राइवेट तौर पर फंड दिया जाएगा, जिसमें वाइट हाउस बॉलरूम प्रोजेक्ट से बचे हुए डोनेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
अब बात करते हैं कि ट्रंप के दिल और दिमाग पर भारत क्यों तारी है? दरअसल, पहले तो उन्होंने इंडिया गेट की तस्वीर शेयर की. फिर इसके थोड़ी देर बाद ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की, जिसमें भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करने पर बात हुई.

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दी थी. वही, गोर जिन्होंने 12 जनवरी को कहा था,
"मैंने राष्ट्रपति (डॉनल्ड ट्रंप) से बात की, तो मैंने उन्हें बताया कि मैं अभी-अभी खूबसूरत इंडिया गेट के पास से गुजरा हूं. राष्ट्रपति ने वाइट हाउस में एक बॉलरूम बनाने का काम शुरू किया है, लेकिन उनकी लिस्ट में एक और प्रोजेक्ट पेरिस के ‘आर्क डी ट्रायम्फ’ जैसा कुछ बनाना भी है. और फ्रेंच लोगों को बुरा ना लगे, लेकिन मुझे लगता है कि दिल्ली में हमारे पास जो (इंडिया गेट) है, वह शायद उससे (आर्क डी ट्रायम्फ से) भी बेहतर है."
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