कोविड काल में डॉक्टर्स PPE किट पहनकर घंटों ड्यूटी कर रहे हैं. डॉ सोहिल (दाएं) की शेयर की तस्वीर देखकर हम समझ सकते हैं कि ये कितना मुश्किल है. (फोटो- PTI, @DrSohil Twitter)
कोविड काल में सबसे बड़ी, सबसे अहम भूमिका निभाने वालों में सबसे आगे हैं हमारे डॉक्टर्स. हमारे माने दुनियाभर के डॉक्टर्स. यहां बात किसी एक देश की नहीं हो रही. लंबी, अनियमित ड्यूटी की चुनौतियों को बढ़ाने का काम कर रही है PPE किट्स. इसके बिना इंफेक्शन का ख़तरा रहता है और पहनकर ड्यूटी करने में क्या हाल होता है, वो डॉ सोहिल के ट्वीट से आसानी से देखा जा सकता है.
ट्विटर पर वायरल ये तस्वीर है डॉ सोहिल मकवाना की. वे GMERS Hospitals, Dharpur, Patan, गुजरात में कार्यरत हैं. डॉक्टर सोहिल ने दिखाया कि मरीज़ों से भरे अस्पताल में PPE किट पहने डॉक्टर, जब किट से बाहर निकलते हैं उनका ये हाल होता है. लेकिन उन्हें देश की सेवा करने पर गर्व है. लिखते हैं-
“देश की सेवा करके गर्व है. और ये बात मैं सभी डॉक्टर्स, सभी हेल्थकेयर वर्कर्स की तरफ से कह रहा हूं. हम सभी अपने परिवार से दूर हैं, कड़ी मेहनत कर रहे हैं. कभी (कोविड) पॉज़िटिव मरीज़ों से एक कदम दूर. कभी गंभीर बीमार बुज़ुर्गों से एक इंच दूर. मैं आप सबसे निवेदन करता हूं कि जाइए, वैक्सीन लगवाइए. यही एकमात्र रास्ता है. सुरक्षित रहिए.”
सोशल मीडिया पर लोग डॉ सोहिल और पूरी डॉक्टर कम्युनिटी के इन प्रयासों को जमकर सराह रहे हैं. हरप्रीत सिंह ने लिखा –
“आपको शुक्रिया और सैल्यूट. ये शर्म की बात है कि हम सुपरपावर होने का दावा करते हैं और अस्पताल में कायदे के एसी और ऑक्सीजन प्लांट तक नहीं लगवा सके हैं.”
सौरभ शुक्ला लिख रहे हैं -
"हम वैक्सीन लेंगे. घर में रहेंगे. हेल्दी खाना खाएंगे. हर वो काम करेंगे, जिससे स्थितियां नियंत्रण में रहें. आपकी निस्वार्थ सेवा के लिए शुक्रिया. आप भगवान से भी ऊपर हैं. अपना ख़्याल रखें."
मेघना ने लिखा -
"हमें हमारे डॉक्टर्स पर, हेल्थकेयर वर्कर्स पर गर्व है, जो बिना रुके लगातार काम कर रहे हैं. उम्मीद है कि लोग वैक्सीनेशन को लेकर आपकी सलाह पर अमल करेंगे."
योगेश ने लिखा -
"आप लोग जो कर रहे हैं, उसके लिए शब्द नहीं हैं. भगवान आपकी रक्षा करे."
डॉक्टर्स वाकई कड़ी मेहनत कर रहे हैं. कई बार ‘सिस्टम’ के आगे वो भी लाचार दिखते हैं. लेकिन ये हमें-आपको समझना होगा कि इसका गुस्सा डॉक्टर्स पर न उतारें. कोविड की पहले वेव से लेकर अब तक कई बार डॉक्टरों को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है. जैसा कि हाल ही में दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भी हुआ. समय मुश्किल है. हमें संयम रखना है, सुरक्षित रहना है. और अपने साथ-साथ दूसरों की मनोदशा को, समस्या को समझना होगा.