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यूपी में डेंगू मामले 13000 के पार, डॉक्टरों की छुट्टी कैंसिल करनी पड़ गई

डेंगू के सबसे ज्यादा मामले लखनऊ, मुरादाबाद, कानपुर और नोएडा से सामने आ रहे हैं. वाराणसी और गोरखपुर में भी बढ़ रहे केस.

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उत्तर प्रदेश के कई अस्पतालों में डेंगू के कारण डॉक्टर्स की लीव कैंसिल की गई. (फोटो- इंडिया टुडे)

बदलते मौसम और फेस्टिव सीज़न के बीच उत्तर प्रदेश में डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है. राज्य के कई शहरों के अस्पताल डेंगू के मरीजों से भरे हुए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी में डेंगू मरीजों की संख्या 13 हजार के पार (Dengue Cases in UP) चली गई है. बीते 24 घंटों में ही 600 नए मामले सामने आए हैं. हालात के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट पर है. वहीं, मुख्यमंत्री ने भी बुधवार, 18 अक्टूबर को अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई.

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इंडिया टुडे से जुड़े अभिषेक मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, डेंगू के सबसे ज्यादा मामले लखनऊ, मुरादाबाद, कानपुर और नोएडा से सामने आ रहे हैं. बताया गया कि राजधानी लखनऊ के कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती डेंगू के आधे से अधिक मरीजों को डायलिसिस और वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, लोकबंधु समेत कई अस्पतालों के बेड डेंगू के मरीजों से तेजी से भर रहे हैं. 

इसके अलावा OPD मरीजों की संख्या भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. पिछले 8 दिनों में ही डेंगू के 3500 मामले रजिस्टर हुए हैं. सोमवार, 16 अक्टूबर को हुई बारिश के बाद भी केसों में बढ़ोतरी हुई है.

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डॉक्टरों की छुट्टियां कैंसिल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक डेंगू के कारण 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट कहती है कि अगर इसमें प्राइवेट अस्पतालों का डेटा शामिल करें तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. चिंता की बात ये कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मौसम में बदलाव के कारण केसेज़ और बढ़ सकते हैं.

सोमवार, 16 अक्टूबर को हुई बारिश के बाद बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले. फोटो- (इंडिया टूडे)

हालांकि, राज्य के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का कहना है कि बेड की कोई कमी नहीं है और सभी मरीजों के इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इंडिया टुडे के संवाददाता अभिषेक मिश्रा से बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा,

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राज्य ने पूरी तैयारी कर रखी है. अस्पतालों में बेड्स उपलब्ध हैं, ब्लड उपलब्ध है. कहीं कोई पैनिक की स्थिति नहीं है.  

उन्होंने ये भी कहा कि पिछले सालों में जहां डेंगू के ज्यादा मामले थे, इस बार ना के बराबर मामले आए हैं. हालांकि, उन्होंने बेड्स की संख्या बढ़ाने के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दे दिए हैं. डेंगू के लिए अलग वार्ड बनाने की भी बात कही है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा,

सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. मरीजों की भर्ती और नि:शुल्क इलाज के लिए निर्देश दिए गए हैं. बेड की कोई कमी नहीं है. हमने कहा कि अगल बेड फुल हैं तो स्ट्रेचर पर ही इलाज दें. लेकिन किसी को निराश करके वापस हम नहीं भेजेंगे.

इन सबके बीच बुधवार, 18 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयुष्मान भारत स्कीम को किस तरह लागू किया जा रहा है, इसकी जांच की. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अंडर-कंस्ट्रक्शन मेडिकल कॉलेजों, और डेंगू के रोकथाम के लिए हो रहे प्रयासों का भी रिव्यू किया. उन्होंने हिदायत दी है कि कहीं भी 'हॉटस्पॉट' की स्थिति नहीं बननी चाहिए. इसके लिए अतिरिक्त बेड बढ़ाने, नियमित फॉगिंग कराने और साफ सफाई पर ध्यान देने के भी निर्देश दिए.

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