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मर्सिडीज केस: जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश होगा नाबालिग

शुक्रवार को 18 साल का हुआ आरोपी. 4 अप्रैल को तेज मर्सिडीज कार की वजह से गई थी एक शख्स की जान. रविवार को नाबालिग ने किया सरेंडर.

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फोटो - thelallantop
12वीं क्लास में पढ़ने वाला नाबालिग लड़का तेज रफ्तार मर्सिडीज से 32 साल के सिद्धार्थ शर्मा को कुचल देता है. सिद्धार्थ की मौत हो जाती है. पुलिस नाबालिग के पापा मनोज अग्रवाल को रिमांड में लेती है. एक दिन बाद अग्रवार को बेल मिल जाती है. नाबालिग रविवार को दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में सरेंडर कर देता है. नाबालिग की सोमवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेशी होगी. फिलहाल नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस होम पर भेज दिया गया है. दरअसल, आरोपी नाबालिग इस शुक्रवार को 18 साल का हो गया है. ऐसे में इस बात को लेकर कंफ्यूजन है कि नाबालिग को क्या सजा दी जाएगी. बताया जाता है कि हादसे के वक्त गाड़ी नाबालिग की चला रहा था. कार की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर से ज्यादा थी. सीसीटीवी फुटेज में कार से टक्कर लगने की वजह से सिद्धार्थ शर्मा को सड़क पर गिरते साफ देखा जा सकता है.
नाबालिग वकीलों के साथ पुलिस के पास सरेंडर करने गया था. आरोपी के वकीलों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने ये कहकर खारिज कर दिया कि ये मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का है.
इससे पहले नाबालिग के पापा मनोज अग्रवाल को पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में अरेस्ट किया था. पुलिस को मनोज अग्रवाल को एक दिन रिमांड में रखने की इजाजत कोर्ट से मिली थी. हालांकि शनिवार को अग्रवाल को जमानत भी मिल गई. नाबालिग को क्या मिलेगी सजा? नाबालिग के खिलाफ अगर आरोप साबित हुए तो उसे 2 साल के लिए जुवेनाइल होम में भेजा जा सकता है या फिर जुर्माना भी देना पड़ सकता है. सिद्धार्थ शर्मा की फैमिली ने कहा, 'नाबालिग को एडल्ट की तरह की सजा दी जाए. टेक्नीकेलिटी की वजह से उसे रिहा नहीं किया जाना चाहिए. इंसाफ होना चाहिए.' देखिए हादसे की रात की CCTV फुटेज https://www.youtube.com/watch?v=HLVQtwk4cnE

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