पुलिस ने माना, मुरथल में हुए थे गैंगरेप
मुरथल में मिले थे औरतों के फटे कपड़े. लेकिन पुलिस ने कहा था खबरें झूठ हैं.
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फोटो - thelallantop
जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में गैंगरेप विक्टिम होने का दावा करने वाली लड़कियां अब कुल तीन हो गई हैं. तीनों ने हरियाणा पुलिस को बताया है कि फ़रवरी में चल रहे आंदोलन के दौरान चल रही हिंसा में इनका रेप हुआ था. जाट आरक्षण आंदोलन के वक़्त सामने आईं मुरथल गैंगरेप की खबरों को पुलिस ने नकार दिया था. मामले में पहली FIR 30 मार्च को दिल्ली की बॉबी जोशी ने दर्ज करवाई थी. मोलेस्टेशन का आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया था कि वो रेप के दौरान मौजूद थीं. अखबारों की रिपोर्टिंग के बाद लगभग 10 रेप के केस सामने आए थे. जिसके बाद हरियाणा कोर्ट ने 'सुओ मोटो' आदेश पर मामले की जांच चालू करवाई थी. रेप की शिकायत करने वाली लड़कियों में 2 ने पुलिस को बिना नाम की चिट्ठी लिखी है. 21 और 22 फरवरी के बीच हुए रेप के बारे में बताते हुए. वो कह रहे थे हम बलात्कार करेंगे, उन्होंने बलात्कार किए भी हैं : आई विटनेस इनमें से एक लड़की NRI है जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है. जिसकी चिट्ठी सोशल मीडिया पर कई दिनों तक दिखाई पड़ती रही. चिट्ठी में लड़की ने बताया है कि वो 21 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से दिल्ली एअरपोर्ट पहुंची. वहां से NH1 का रास्ता लिया. जहां कथित तौर पर उसका रेप हुआ. मामले में पुलिस ने फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन अफसर से ऑस्ट्रेलिया के यात्रियों के डिटेल्स मांगे हैं. जो 21 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से दिल्ली आए. मुरथल में 'गैंगरेप' मामले की जांच के लिए SIT दूसरी चिट्ठी फरीदाबाद पुलिस को हॉस्टल में रहने वाली लड़की ने लिखी. जिसका कहना था कि NH1 क्रॉस करते समय उसका गैंगरेप किया गया. ये चिट्ठी फरीदाबाद से भेजी गई थी. तारीख़ 5 मार्च लिखी है. लड़की का कहना था कि वो थर्ड इयर की स्टूडेंट है. और रेप वाले दिन अपने पापा के साथ घर जा रही थी. कोर्ट की मदद कर रहे वकील अनुपम गुप्ता ने बताया कि उनके पास इस लड़की की आवाज़ की रिकॉर्डिंग भी है. हालांकि इस रिकॉर्डिंग को उन्होंने पुलिस को देने से मना कर दिया है. इन शिकायतों के बाद जाट आंदोलन के समय दर्ज हुई FIR में अब सेक्शन 376 यानी गैंग रेप को शामिल कर लिया गया है. IGP ममता सिंह की लीडरशिप में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है. अब टीम रिपोर्ट पेश करेगी. और 4 मई को हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई होगी.
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