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दिल्ली की हवा ठीक करनी है, पांच नवंबर से शहर में क्या-क्या बदलने जा रहा है?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इन बदलावों की घोषणा की है.

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5 नवंबर से दिल्ली में क्या बदलेगा? (फोटो-PTI)

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं (Delhi Air Pollution Crisis). इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पांच नवंबर से कुछ बदलावों की घोषणा की है. अब कुछ समय के लिए दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर बैन लगाया है. बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं. साथ ही कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम से जुड़े आदेश दिए गए हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सरकार के 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम पर भेज दिया गया है. गोपाल राय ने बताया कि प्राइवेट दफ़्तरों के लिए भी एडवाइज़री जारी की जा रही है कि वो भी अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें.

इन गाड़ियों पर बैन

अब से केवल इसेंशियल ट्रकों या सीएनजी-इलेक्ट्रिक ट्रकों को ही दिल्ली में एंट्री मिलेगी. आपातकालीन सेवाओं वाली और BS-6 के अलावा सभी डीजल गाड़ियों पर बैन रहेगा. गोपाल राय ने बताया कि वो हरियाणा और यूपी के सीएम को चिट्ठी लिखेंगे कि वहां से आने वाली गाड़ियों को इस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेस वे से ही डायवर्ट किया जाए ताकि वो दिल्ली की सीमा तक ना पहुंचें.

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गोपाल राय ने बताया,

दिल्ली में सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या पिछले साल की तुलना में बढ़ी है. इसके अलावा 500 प्राइवेट पर्यावरण बस सर्विस शुरू करने का निर्देश ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को दिया गया है.

बताया जा रहा है कि RWA के प्रमुख उप-जिलाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे और उन गार्ड्स को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएंगे, जो नाइट ड्यूटी करते हैं. रेवेन्यू कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं कि लोकल मार्केट के साथ मीटिंग कर उनके समय को अलग-अलग किया जाए. दिल्ली में पहले से ही निर्माण और विध्वंस से जुड़े कामों पर रोक लगी हुई थी, लेकिन कुछ कैटेगरी में छूट थी जैसे हाईवे, ओवर ब्रिज और पाइपलाइन. अब इन सब पर भी बैन रहेगा. वहीं अगर आने वाले समय में हालात नहीं सुधरे तो ऑड-ईवन नियम भी लागू किया जा सकता है. 

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राय ने बताया कि ये तमाम नियम सही तरह से लागू हो रहे हैं या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग के लिए छह सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई गई है.

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