आम आदमी पार्टी (AAP) के एक विधायक पर दिल्ली नगर निगम चुनाव में टिकट देने के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा है. आरोप है कि मॉडल टाउन से AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने एक महिला को पार्षद का टिकट दिलाने के बदले 90 लाख रुपये मांगे थे. इस मामले में दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से एक शख्स को AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी का साला बताया जा रहा है. वहीं गिरफ्तार किए गए दूसरे शख्स को विधायक का पर्सनल एसिस्टेंट (PA) कहा जा रहा है.
एंटी-करप्शन वालों ने AAP विधायक के साले और PA को पैसों के साथ पकड़ा, कहा - रिश्वत लौटा रहे थे
आरोप है कि AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने पार्षद का टिकट देने के बदले मांगे थे 90 लाख रुपये.


ACB ने ओम सिंह, शिव शंकर पांडे उर्फ विशाल पांडे और प्रिंस रघुवंशी को 33 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी तब हुई, जब ये लोग रिश्वत के पैसे वापस करने उस व्यक्ति के घर पहुंचे थे, जिसने ACB में इस मामले की शिकायत की थी. वहीं इस मामले में AAP नेता और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ACB को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. उन्होंने सफाई दी कि पार्टी से टिकट के लिए बताए जा रहे नाम की सिफारिश किसी विधायक ने नहीं की थी. और इस पूरे मामले से ये साबित हो गया है कि आम आदमी पार्टी में टिकट नहीं बिकता है.
AAP MLA पर टिकट के बदले 90 लाख रुपये की घूस का आरोपआजतक के अरविंद ओझा और हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी पर टिकट के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा है. ACB से इसकी शिकायत करने वाले गोपाल खारी नाम के व्यक्ति ने खुद को AAP का कार्यकर्ता बताया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने दिल्ली नगर निगम चुनाव में वॉर्ड नंबर 69, कमला नगर से अपनी पत्नी शोभा खारी के लिए टिकट मांगा था.
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 9 नवंबर को मॉडल टाउन के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी से मुलाकात की थी. अपनी पत्नी शोभा खारी के लिए टिकट मांगा था. शिकायतकर्ता के मुताबिक विधायक ने टिकट के बदले उससे 90 लाख रुपये की डिमांड की. उसने विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को 35 लाख रुपये की रिश्वत दी थी. वहीं वजीरपुर के AAP विधायक राजेश गुप्ता को 20 लाख रुपये दिए थे.
MCD चुनाव में AAP से टिकट नहीं मिलने पर शिकायत कीबाकी के 35 लाख रुपये लिस्ट में नाम आने के बाद देने थे. हालांकि, AAP की लिस्ट में जब शोभा खारी का नाम नहीं आया, तब विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के साले बताए जा रहे ओम सिंह ने पैसे वापस करने की बात कही थी.
इस बीच कार्यकर्ता ने कैश फॉर टिकट की शिकायत एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) में की. सबूत के तौर पर रिश्वत देते समय रिकॉर्ड किया गया ऑडियो और वीडियो भी पेश किया. शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया.
रिपोर्ट के मुताबिक 15 नवंबर की रात ओम सिंह, शिव शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी रिश्वत के पैसे वापस करने शिकायतकर्ता के घर पहुंचे थे. वे लोग 33 लाख रुपये लेकर आए थे. यहां ACB ने एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में तीनों को कैश के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
ACB इस केस में AAP विधायकों अखिलेश पति त्रिपाठी और राजेश गुप्ता से भी पूछताछ करेगी. ACB यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि कहीं और लोगों से भी इस तरह टिकट के नाम पर रिश्वत तो नहीं ली गई.
सिसोदिया बोले- 'टेस्ट में पास हुई AAP, यहां टिकट नहीं बिकता'इस मामले में ACB की कार्रवाई पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया बोले,
"दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी भी जान रही है कि वो हार रही है और आम आदमी पार्टी MCD का चुनाव जीत रही है. MCD में आम आदमी पार्टी प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतने वाली है. जाहिर सी बात है कि आम आदमी पार्टी के टिकट की डिमांड भी काफी थी. आम आदमी पार्टी में और उसके आसपास बहुत लोग थे, जो चुनाव लड़ना चाहते हैं. आज इस घटना (ACB की कार्रवाई) से आम आदमी पार्टी के लिए संतुष्टि की बात है कि अगर कोई कहीं पैसे दे रहा है या ले रहा है तो इस पार्टी में टिकट नहीं बिकता है. इस पूरे घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी के बारे में यह अच्छी बात सामने आ रही है. अगर किसी ने किसी से पैसे ले भी लिए और किसी ने किसी को पैसे दे भी दिए लेकिन उसे टिकट नहीं मिला. इसका मतलब आम आदमी पार्टी में टिकट नहीं बिकता. आम आदमी पार्टी इस टेस्ट में पास हुई है. आम आदमी पार्टी में टिकट के लिए पैसे नहीं चलते हैं. जाहिर सी बात है कि कोई इधर उधर अगर बोले कि मैं पैसे लेकर आम आदमी पार्टी की टिकट दिला दूंगा तो बिल्कुल यकीन मत करना."
कैश फॉर टिकट मामले में AAP विधायकों का नाम आने के सवाल पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि फिलहाल ACB की जांच चल रही है. जांच के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें याद आ रहा है, विधायकों ने भी ऐसे किसी नाम (शोभा खारी) का सुझाव नहीं दिया था.
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