विश्व आर्थिक मंच 2020 ( World Economic Forum). 21 से 24 जनवरी के बीच दावोस स्विट्जरलैंड में चल रहा है. 21 जनवरी को एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण भी इस सम्मेलन में शामिल हुईं. यहां उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एडेनोम गेब्रिएसिस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) से मेंटल हेल्थ पर बात की.
दीपिका ने बताया उन बुरे दिनों के बारे में जब वो बेहोश हो गई थीं और हाउस हेल्प ने आकर उठाया
WEF 2020 में बोल रही थीं दीपिका पादुकोण.


इस दौरान दीपिका ने डिप्रेशन और इससे जुड़ी शर्म को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि एक वक्त ऐसा भी था, जब वो भी नहीं चाहती थीं कि लोगों को उनके डिप्रेशन के बारे में पता चले. तब लोग उनसे पूछते थे, कि वो कैसी हैं? वो काफी वक्त तक जवाब में झूठ कहती रहीं, कि वो अच्छी हैं.
दीपिका ने कहा-
मैं उस वक्त मानसिक तौर पर बीमार हुई, जब मुझे इसकी सबसे कम उम्मीद थी. मेरा करियर टॉप पर चल रहा था. फिल्में चल रही थीं. मेरा रिलेशनशिप भी बढ़िया चल रहा था. सबकुछ एकदम परफेक्ट. एक दिन सुबह मैं उठी, लगा कि सब ठीक चल रहा है. तभी, मैं अचानक बेहोश हो गई.
किस्मत से घर पर कामकाज करने वाले लोग वहां थे. उन्होंने मुझे फर्श पर देखा और उठाकर बिठाया. मुझे डॉक्टर के पास लेकर गए. डॉक्टर ने कहा कुछ नहीं हुआ है. ये थकावट या ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होने की वजह से हो सकता है. लेकिन वो शुरुआती लक्षण थे. उसके बाद मुझे बस नींद आती रहती थी. न बाहर जाने का मन करता था, न लोगों से मिलने का.
मेरे पेरेंट्स मुझसे मिलने आए. जब वो लोग लौटने के लिए अपना सामान बांध रहे थे, तो मुझे बस रोना आ गया. मां ने पूछा कि क्या हुआ है? मेरे पास कोई जवाब नहीं था. उस वक्त मां ने मुझसे कहा कि मुझे प्रोफेशनल मदद की जरूरत है. और इस तरह मैंने मनोचिकित्सक से कंसल्ट करना शुरू किया.
जब डॉक्टर ने बताया कि मैं क्लिनिकल डिप्रेशन से जूझ रही हूं, तो मैंने कोशिश की कि इसके बारे में किसी को पता नहीं चले. न ही ये बातें मीडिया में जाए. जब कोई मुझसे पूछता था, कैसी हो? क्या चल रहा है? मैं कहती थी, एकदम बढ़िया, जबकि अंदर से मेरी हालत बहुत ही खराब थी.
जब मैं इससे रिकवर कर रही थी. तब मैं समझ सकी कि मेंटल हेल्थ से एक किस्म की शर्म जुड़ी हुई है. इसलिए मुझे इसके बारे में सार्वजनिक तौर पर बात करने की जरूरत है. सोचिए क्या होता अगर मेरी मां मुझे ये नहीं कहती कि मुझे किसी प्रोफेशनल हेल्प की जरूरत है? मुझे लगा कि जो लोग जो डिप्रेशन से जूझ रहे हैं, उनकी मदद करने के लिए कुछ करना चाहिए. इसलिए मैंने अपनी बीमारी के बारे में सार्वजनिक तौर पर बात की. और 'द लिव, लव, लाफ' फाउंडेशन की शुरुआत की.
WEF 2020 में दीपिका पादुकोण को क्रिस्टल अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है. ये अवॉर्ड उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया गया है. टेड्रोस ने दीपिका की बातचीत की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की थी.
इसके साथ में उन्होंने लिखा-
विश्व आर्थिक मंच 2020 पर दीपिका पादुकोण के साथ मेंटल हेल्थ पर डिस्कस करके खुशी हुई. आपका खुलापन और संवेदनशीलता दूसरों को मदद लेने और इससे जुड़ी शर्म को खत्म करने में सहायता करेगी. आप के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं. मानसिक स्वास्थ्य के बिना कोई स्वास्थ्य नहीं है.
2014 की गर्मियों में दीपिका के क्लिनिकल डिप्रेशन और एंग्जायटी के बारे में पता चला था. 2015 में पहली बार दीपिका ने इसके बारे में एक इंटरव्यू में बात की थी. 2015 में ही उन्होंने 'द लिव, लव, लाफ' फाउंडेशन शुरू किया. तब से वो लगातार इसके बारे में बात करती रही हैं.
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