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गुड़िया गैंगरेप: कोर्ट ने दो को दोषी करार दिया. बाहर आते ही एक ने मीडिया पर हमला कर दिया

निर्भया गैंगरेप के चार महीने बाद दिल्ली में बच्ची से हुआ था गैंगरेप.

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गुड़िया गैंगरेप मामले में दो दोषियों में से एक दोषी ने कोर्ट परिसर में मीडियाकर्मी पर हमला कर दिया. (वीडियो का स्क्रीनशॉट)
15 अप्रैल, 2013. पांच साल की बच्ची का दिल्ली में अपहरण होता है और फिर उसके साथ गैंगरेप होता है. सात साल तक केस चलता है. अब दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने दो आरोपियों प्रदीप और मनोज शाह को दोषी करार दिया है. इनकी सजा पर बहस 30 जनवरी को होगी. खबरों के मुताबिक, इस केस में 59 गवाहियां हुईं. और उसके बाद इन दोनों को कोर्ट ने शनिवार 18 जनवरी को दोषी पाया.

दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट परिसर में मीडियाकर्मी ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की. इस बीच एक दोषी भड़क गया और सवाल पूछ रहे पत्रकार को मारने के लिए झपटा. मीडियाकर्मी का फोन छीनने का प्रयास किया. ये वीडियो वायरल हो रहा है.

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15 अप्रैल, 2013 को गुड़िया अपने घर से गायब हो गई थी. 17 अप्रैल को अपने घर के पास मिली थी. आरोपियों ने गुड़िया को मरा हुआ समझकर छोड़ दिया था. और से फरार हो गए थे. गुड़िया का इलाज दिल्ली के AIIMS में चला. डॉक्टरों ने उसके शरीर से तेल की शीशी और मोमबत्ती निकाली थी. कई सर्जरी के बाद उसे किसी तरह बचाया गया था. मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी प्रदीप और मनोज के खिलाफ जान से मारने, गैंगरेप, किडनैपिंग, सबूत मिटाने और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. इस घटना के बाद काफी बवाल इसलिए भी हुआ था क्योंकि 16 दिसंबर, 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप के ठीक चार महीने बाद ये घटना हुई थी.  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया और इस केस में हुई देरी पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा-

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गुड़िया रेप केस में दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। 7 साल लग गए। हमें मिल कर इस व्यवस्था को जल्द से जल्द ठीक करना होगा। अगर हम चाहते हैं कि हमारी बहन बेटियों के साथ हैवानियत करने वाली मानसिकता खत्म हो, तो रेप केसेस में 6 महीनों के अंदर सजा हो ऐसी व्यवस्था बनानी होगी. — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 18, 2020

गुड़िया के पापा ने कहा सुनवाई दो साल में पूरी होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. हालांकि हम खुश हैं कि हमें 6 साल बाद न्याय मिला  गया.

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वीडियो देखें : मुज़फ्फरपुर शेल्टर होम केस: क्या नितीश कुमार सरकार को सुप्रीम कोर्ट में CBI बचा रही?

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