सुनो. 23 के लगभग केस सिर्फ कत्ल और किडनैपिंग के चल रहे हैं शहाबुद्दीन पर. पिछले साल उन दो भाइयों के मर्डर केस में इसको बेल मिल गई थी. क्योंकि कोई गवाह नहीं था. इसका एक मात्र गवाह उन दोनों का तीसरा भाई राजीव रंजन था. 2014 में उसका भी मर्डर हो गया था.
जेल से इसको छुड़ाने के बाद भयानक शान से 1300 कारों का काफिला निकला. देखने वालों की फूंक सरक गई. 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द कर दी और बाबू साहब वापस जेल चले गए. पूरी कहानी नीचे लगे लिंक्स में मिल जाएगी. अभी तो ये समझ नहीं आ रहा कि शहाबुद्दीन के सेल्फी कांड पर हंसें कि रोएं. ये भी पढ़ें: कहानी शहाबुद्दीन की जिसने दो भाइयों को तेजाब से नहला दिया था शहाबुद्दीन को सीवान जेल में रखना भी कानून तोड़ना है! शहाबुद्दीन का इतना खौफ कि जज ने करा लिया ट्रांसफर! सेल्फी के लिए मरने वालों, दुनिया को तुमसे कोई हमदर्दी नहीं है











