The Lallantop

100-100 रुपये में पाकिस्तानी बनेंगे हिंदुस्तानी!

पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों में परेशान लोग खुश हो जाएं. मोदी सरकार loves You.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
पुरानी फिल्मों और धार्मिक सीरियल की शुरूआत होती थी. तब बैकग्राउंड में एक भारी आवाज वाले अंकल जोर से गूंजती आवाज में बोलते थे. 'जब जब इस धरती पर पाप बढ़ेगा. अत्याचार होगा. तब तब एक मसीहा पैदा होगा.' लोकतंत्र वाले देशों में ये काम सरकारें करती हैं. पीएम मोदी ने पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों में अत्याचार झेल रहे हिंदुओं को सेफली और कम प्राइस में इंडिया की सिटीजनशिप देने की प्लानिंग कर ली है. ये प्लान सफल रहा तो 100 रुपये में इंडियन बनना कंफर्म है.
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू शरणार्थियों से हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. जो परेशान लोग हैं, उन्हें इंडिया की सिटीजनशिप देने का वादा किया गया है. कॉन्फ्रेंसिंग में 9 राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई. बैठक हुई तो सिर्फ फोटो तो खिचाई नहीं होगी. लॉन्ग टर्म वीजा पर भी बात की गई. इन स्टेट्स में दूजे देशों से आए हिंदू शरणार्थी बने हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान और बांग्लादेश के शरणार्थियों को लेकर कैबिनेट नोट तैयार हो गया है. इस नोट में उन लोगों को स्पेशल सुविधा देने के रूल्स के बारे में लिखा गया है. क्या है ये बिल? एक बिल है सिटीजन एक्ट 1955. इस बिल में संशोधन लाने की तैयारियां चालू आहे. अगर हंगामे की वजह से 'संसद की कार्यवाही स्थगित' टाइप हैडिंग नहीं चली तो मॉनसून सेशन में बिल पास समझो. ये सारा काम कुशल मंगल तरीके से हो गया, तो बीजेपी का 2014  में किया वादा पूरा समझो. तब बीजेपी वालों ने कहा था, 'मितरों, पाकिस्तान बांग्लादेश जैसे देशों में धर्म की वजह से परेशान किए जा रहे हिंदुओं को इंडिया में शरण दी जाएगी.' 100 रुपये में बन जाओ सच्चे इंडियन! सरकार वोट मांगने के अलावा एक काम जो जाबड़ तरीके से चौड़ में कर लेती है, वो है राय मांगना. इसलिए गृह मंत्रालय ने इस मामले में पब्लिक से राय मांगी है. राय कि इस पूरी प्रोसेस में इंडियन बनने की रजिस्ट्रेशन फीस 100 रुपये रखने की सोची जा रही है. बताओ 100 रुपये तो आजकल काउंटर से मेट्रो कार्ड में भी कोई नहीं डालता. अभी 5 हजार रुपये फीस है इंडियन बनने की. इंडियन बनने के लिए जो एप्लीकेशन आएंगी. उनकी जांच गृह मंत्रालय वाले नहीं, डीएम और एसपी करेंगे. एप्लीकेशन अप्रूव हुई तो बैंक अकाउंट खोलने, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने की मंजूरी मिल जावेगी. 'गौरतलब है कि' वाला पैराग्राफ बता दें कि इंडिया में 2 लाख से ज्यादा रिफ्यूजी हैं. जैसलमेर, जयपुर, रायपुर, अहमदाबाद, राजकोट, कच्छ, भोपाल, इंदौर, मुंबई, नागपुर, पुणे, दिल्ली और लखनऊ में करीब 400 पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी कैंप चल रहे हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement