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गलवान घाटी में 15 जून को क्या हुआ था? चीन ने अपनी अलग कहानी बताई है

चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है.

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चीन एक तरफ भारत के साथ सीमा पर लड़ाई लड़ रहा था साथ ही साइबर अटैक भी कर रहा था. (फाइल फोटो- PTI)
15 जून को गलवान घाटी में क्या हुआ था? भारत पहले दिन से ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है. अब 5 दिन बाद चीन ने अपना पक्ष रखा है और एक अलग ही कहानी बता दी है. चीन ने उल्टा भारतीय सेना पर ही लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) का उल्लंघन करने और चीनी सेना को उकसाने का आरोप लगा दिया है. ये ऊपर के दो ट्वीट चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिजियन झाओ और भारत में चीनी एंबेसी के प्रवक्त जी रोंग के हैं. इन्होंने मामले पर स्टेप-दर-स्टेप चीन का पक्ष रखा है. जानते हैं कि चीन ने 15 जून की क्या कहानी बताई है – # चीन का कहना है कि गलवान घाटी भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में है. ये एलएसी पर चीन की ओर के हिस्से पर पड़ती है. कई साल से चीनी सेना ही यहां पेट्रोलिंग करती आ रही है. # चीन ने कहा कि अप्रैल से ही भारत इस क्षेत्र में रोड बना रहा है, ब्रिज बना रहा है. चीन ने इसका विरोध भी जताया था. लेकिन भारत ने अब एलएली क्रॉस करने और हमारे सैनिकों को भड़काने का भी काम किया. # 6 मई को भारतीय सेना ने एलएसी क्रॉस की और चीनी क्षेत्र में बैरिकेड्स लगाए. चीन ने इसका विरोध किया. सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी. # इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य और डिप्लोमेट लेवल पर बातचीत हुई और भारत ने सेना पीछे हटाई. # चीन का कहना है कि 15 जून को फिर भारतीय सेना ने एलएसी लांघी और जब चीनी अधिकारी और जवान बात करने पहुंचे तो उन पर हमला किया. इसी के बाद हिंसक झड़प हुई, जिसमें दोनों देशों के जवान मारे गए. इससे पहले 19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के मसले पर बात करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि न कोई हमारी सीमा में घुसा, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी के कब्जे में है.
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