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पैंगोंग झील पर चीन जो पुल बना रहा था, उसकी नई अपडेट भारत में सियासी बवाल मचा सकती है

China ने Pangong Lake के उत्तरी ओर दक्षिणी किनारों के जोड़ने वाले पुल का निर्माण पूरा कर लिया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि इस पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है. और उत्तरी संपर्क मार्ग के पास तो एक संदिग्ध फ्यूल स्टेशन भी है.

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पैगोंग झील (फाइल फोटोः पीटीआई)

बात 2022 की है. अगस्त महीने की. मीडिया में खबरें आती हैं कि चीन (China), पैंगोंग लेक (Pangong Lake) पर दो अलग-अलग पुल बना रहा है. इसके बाद भारत सरकार की प्रतिक्रिया भी आती है. अब करीब दो साल बाद ये जानकारी सामने आ रही है कि चीन ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को जोड़ने वाले पुल का निर्माण पूरा कर लिया है और इसे चालू भी कर दिया है. अनुमान है कि इस पुल के बन जाने के बाद चीन को सैनिकों और सैन्य संसाधनों को जुटाने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी.

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चीन द्वारा पैंगोंग झील पर पुल बनाए जाने की पहली भनक 2022 में लगी थी. भारत और चीन के बीच LAC पर गतिरोध शुरू होने के लगभग दो साल बाद. पैंगोंग झील के तट पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प से इस गतिरोध की शुरुआत हुई थी. जिसके बाद दोनो देशों के द्विपक्षीय रिश्ते छह दशक के सबसे निचले स्तर पर आ गए थे. जो पुल बनकर तैयार हुआ है उसके बारे में जानकारी सेटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरों के ज़रिए सामने आई है.

अमेरिका की एक कंपनी है ब्लैकस्काई (BlackSky), जिसका सेटेलाइट दिन में 15 तस्वीरें लेने में सक्षम है. इस कंपनी ने जो तस्वीरें जारी की हैं वो 9 जुलाई की हैं. सेटेलाइट से पुल की तस्वीरें सुबह, दोपहर और देर दोपहर को कैप्चर की गई हैं. इन तस्वीरों से पुल का निर्माण पूरा होने और इसपर वाहनों की आवाजाही का पता चला है.

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट कैमरे के ऑटोमेटेड व्हिकल डिटेक्शन ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से पुल तक पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर अलग-अलग जगहों पर खड़े कई गाड़ियों की पहचान की. जिसमें पुल से गुजरने वाला एक वाहन भी शामिल है. तस्वीरों में दिन भर गाड़ियों की बदलती संख्या, लोकेशन और ड्रिस्टीब्यूशन को भी कैप्चर किया गया. पुल के उत्तरी संपर्क मार्ग पर एक संदिग्ध फ्यूल स्टेशन पर भी गाड़ियों की तस्वीरें कैद हुईं.

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्लैकस्काई के एक्सपर्ट के मुताबिक पुल के पूरा होने से सैन्य उपकरणों और सैनिकों की आवाजाही का समय काफी कम हो जाएगा. और आसपास के PLA प्रतिष्ठानों को जोड़ने के लिए एक और रास्ता मिल जाएगा.

बता दें कि यह पुल विवादित अक्साई चिन इलाके में LAC के पास है. जिस पर भारत का दावा है. लेकिन चीन इस इलाके में 1960 से ही कब्जे की कोशिश कर रहा है. जब 2022 में पहली बार पुल बनने की खबरें आईं थी. तब विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत अपने इलाके में इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा.

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ताजा घटनाक्रम पर अब तक भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

वीडियो: चीन के पैंगोंग झील पर दो पुल बनाने के दावे पर उठ रहे सवाल, सामने आई सैटेलाइट तस्वीरें

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