बिहार के नालंदा में बोरवेल के गड्ढे में गिरे बच्चे को आखिरकार 5 घंटे की मशक्कत के बाद बचा लिया गया है. 23 जुलाई को नालंदा के कुल गांव से एक तीन साल बच्चे के बोरवेल में गिरने की खबर आई थी. बच्चा 40 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था. बच्चे को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था. आजतक के शशि भूषण की रिपोर्ट के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा और बच्चे को गड्ढे से सही-सलामत निकाल लिया गया है. फिलहाल उसे हॉस्पिटल ले जाया गया है.
40 फीट गहरा बोरवेल, 3 साल का शिवम 5 घंटे तक फंसा रहा, जानिए कैसे बची बच्चे की जान
मां के साथ खेत गया, खेलते-खेलते बोरवेल के गड्डे में गिर गया था.


आजतक के रंजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक बोरवेल के गड्ढे में गिरने वाले 3 साल के बच्चे का नाम शिवम है. शिवम 23 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे गड्डे में गिर गया था. शिवम के पिता डोमन मांझी ने बताया कि शिवम अपनी मां के साथ सुबह साढ़े 8 बजे घर से निकला था. इसके बाद वो खुद ट्रैक्टर चलाने निकल गए थे. बाद में उन्हें लोगों ने बताया कि शिवम गड्ढे में गिर गया है.
वहीं शिवम की मां ने रोते-बिलखते बताया कि शिवम उनके साथ खेत आया था. वो खेत में काम कर रही थीं. शिवम पास में ही दूसरी तरफ खेल रहा था. शिवम की मां ने बताया कि वो बार-बार उसे अपनी तरफ बुला रही थीं. लेकिन शिवम बोरवेल के गड्डे की तरफ खेल रहा था. अचानक उसका पैर फिसल गया और वो गड्ढे में गिर गया.

आसपास मौजूद लोगों को जैसे ही ये बात पता चली, उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जेसीबी मंगवाई गई. NDRF, SDRF की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया. एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम भी आई. बोरवेल के अंदर बच्चे को ऑक्सीजन पहुंचाई गई.
जेसीबी के जरिए उस बोरवेल वाले गड्डे के समानांतर एक बड़ा गड्डा खोदा जाने लगा. ताकि 40 फीट की खुदाई करके जहां बच्चा फंसा है, उसके सामने से जगह बनाकर उसे निकाला जाए. इस बीच माइक के जरिए बच्चे को उसकी मां की आवाज़ सुनाई गई.
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