छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का नारायणपुर (Narayanpur) जिला. यहां सोमवार, 2 जनवरी को एक चर्च में तोड़फोड़ हुई. अब नारायणपुर पुलिस ने एक्शन लेते हुए पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है. अरेस्ट हुए आरोपियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम भी शामिल हैं.
'चर्च में तोड़फोड़ करने वालों का लीडर था BJP का जिलाध्यक्ष', पुलिस ने अरेस्ट किया
धर्मांतरण की खबर आई, नारायणपुर में भीड़ जमा हुई और चर्च पर हमला कर दिया


इंडिया टुडे से जुड़ीं सुमी राजप्पन के मुताबिक सभी आरोपियों पर पुलिस ने धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, किसी धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने और हथियार रखने सहित आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. मंगलवार, 3 जनवरी को पांचों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने भी पेश कर दिया गया.
धर्मांतरण की खबर आई और फिर…शनिवार, 31 दिसंबर यानी नए साल से ठीक एक दिन पहले की बात है. नारायणपुर के सर्व आदिवासी समाज को धर्मांतरण के एक मामले की जानकारी मिली. इसको लेकर समाज के लोगों ने विरोध जताया. एड़का थाना क्षेत्र के गोर्रा गांव में धर्मांतरण के इस मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज और ईसाई आदिवासी आमने-सामने आ गए. इसके बाद जमकर बवाल हुआ. मारपीट में कई लोग घायल हो गए.
इस घटना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने अगले दिन यानी सोमवार, 2 जनवरी को नारायणपुर में बंद बुलाया. भारी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए. नारायणपुर के बाजार स्थल से रैली निकाली गई. बताते हैं कि रैली के दौरान ही कुछ लोग चर्च में पहुंचे और वहां तोड़फोड़ करने लगे. पुलिस की टीम पहले से तैनात थी. ऐसे में उसने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. लेकिन, भीड़ भड़क गई और एसपी सदानंद कुमार पर ही हमला कर दिया. जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई. एसपी के अलावा छह अन्य पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हुए.

इंडिया टुडे से जुड़ीं सुमी राजप्पन के मुताबिक पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने एजेंसी को बताया कि नारायणपुर में मीटिंग के दौरान करीब 2 हजार लोग मौजूद थे. स्थानीय आदिवासी नेता रूपसाय सलाम, नारायण मरकाम सहित अन्य लोग इसका नेतृत्व कर रहे थे. बैठक के बाद भीड़ समूहों में बंट गई. लाठियों से लैस होकर भीड़ ने एक स्कूल में स्थित चर्च पर धावा बोल दिया. उन्होंने चर्च में घुसकर तोड़फोड़ की. आईजी ने आगे कहा कि इस हिंसा के बाद राजधानी रायपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर नारायणपुर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
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